{"_id":"5ee8ac998ebc3e42d214c2a8","slug":"controversy-over-murder-conviction-in-p-vijayan-daughter-marriage","type":"story","status":"publish","title_hn":"पी. विजयन की बेटी की शादी में हत्या के दोषी के शरीक होने पर विवाद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पी. विजयन की बेटी की शादी में हत्या के दोषी के शरीक होने पर विवाद
Tue, 16 Jun 2020 04:57 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: Rohit Ojha
Updated Tue, 16 Jun 2020 04:57 PM IST
विज्ञापन
पिनराई विजयन की बेटी की शादी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी की शादी में उस व्यक्ति की मौजूदगी पर विवाद खड़ा हो गया है, जो दो दशक पहले आरएसएस के एक कार्यकर्ता की हत्या करने का दोषी है। भाजपा ने मार्क्सवादी नेता से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता संदीप वारियर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा कि विजयन को स्पष्ट करना चाहिए कि यहां उनके आधिकारिक निवास पर संपन्न हुए विवाह समारोह में पेरोल पर छूटा दोषी शामिल हुआ था या नहीं।
विज्ञापन
वारियर ने समारोह में ली गई एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें पेरोल पर छूट, सात साल की सजा काट रहा दोषी मुहम्मद हाशिम नवविवाहित जोड़े के निकट खड़ा दिख रहा है। विजयन की बेटी वीणा की शादी माकपा के युवा नेता एवं डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष पी.ए. मोहम्मद रियाज से सोमवार सुबह हुई। यह विवाह समारोह मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास, क्लिप हाउस में हुई जहां करीबी रिश्तेदारों एवं दोस्तों समेत 50 से भी कम लोग शामिल हुए।
विज्ञापन
रियाज का करीबी रिश्तेदार हाशिम, वर के परिवार के सदस्य के तौर पर शामिल हुआ था। वारियर ने कहा, 'मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि पेरोल पर छूटा दोषी मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुए विवाह कार्यक्रम में शामिल हुआ था या नहीं।' उच्चतम न्यायालय ने हाशिम को 24 साल पहले आरएसएस कार्यकर्ता ओट्टापिलावू सुरेश बाबू की हत्या के मामले में 2017 में दोषी ठहराया था।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने वीणा और रियाज मोहम्मद को उनकी शादी की बधाई दी और मानव निर्मित धार्मिक एवं जातिगत बंधनों को तोड़ने के उनके फैसले की सराहना की।