राष्ट्रपति के अलावा स्मृति ईरानी के हाथों राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिए जाने पर छिड़ा विवाद
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दिए जाने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्वारा कुछ अहम पुरस्कार ही दिए जाने की घोषणा से पुरस्कृत होने वाले कई लोग नाराज हो गए हैं। कई ने पुरस्कार न लेने की चेतावनी दी है।
राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति कोविंद प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी कार्यक्रम को सिर्फ एक घंटे का समय देते हैं। इस दौरान यदि वे सभी पुरस्कृत लोगों को खुद सम्मानित न कर पाए तो शेष पुरस्कार केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी देंगी।
राष्ट्रपति के मीडिया सलाहकार अशोक मलिक का कहना है कि पद ग्रहण करने के बाद से वह प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। लेकिन जाने से पहले सभी पुरस्कृत लोगों के साथ एक ग्रुप फोटो जरूर खिंचवाएंगे। अभी तक राष्ट्रपति सभी राष्ट्रीय पुरस्कार स्वयं देते थे। इस बार भी आमंत्रण पत्र पर यही सूचना है। इसी बात से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली कुछ लोगों में आक्रोश है।
नेशनल अवॉर्ड विनर मराठी फिल्म डायरेक्टर प्रकाश ओक ने कहा कि हम अपमानित महसूस कर रहे हैं, 75 पुरस्कार विजातओं ने आज अवॉर्ड सेरिमनी के बॉयकॉट की धमकी दी है।
After reports emerged that President Kovind will be giving away only 11 awards. National Award winning Marathi film director Prakash Oak says, ' We feel insulted, 75 awardees are threatening to boycott the award ceremony today.' pic.twitter.com/GJTOwcAqVr
— ANI (@ANI) May 3, 2018