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ग्राहकों की शिकायतें: कैब कंपनियों की लगातार बढ़ रही मनमानी, उपभोक्ता संरक्षण नियामक ने बुलाई बैठक
Mon, 02 May 2022 09:12 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 02 May 2022 09:12 PM IST
सार
कैब कंपनियां अपने मौजूदा ग्राहकों से बढ़ी हुई दर पर शुल्क ले रही हैं जबकि नए ग्राहकों को कम कीमत पर सेवाएं देकर लुभाने की कोशिश करती हैं।
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ओला और उबर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कैब सेवा प्रदाताओं के खिलाफ उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए उपभोक्ता संरक्षण नियामक सीसीपीए ने कदम उठाया है। सीसीपीए ने अगले सप्ताह इन कंपनियों के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई है। सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने कहा कि ओला और उबर जैसी कैब सेवा कंपनियों के बारे में ग्राहकों से बढ़ा-चढ़ाकर कीमतें तय करने और मनमाने ढंग से यात्रा रद्द कर देने जैसी कई शिकायतें मिली हैं।
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उन्होंने कहा कि शिकायतों की बड़ी तादाद को देखते हुए कैब कंपनियों से अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इसके लिए अगले हफ्ते एक बैठक बुलाई गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से मिली कुछ शिकायतों का जिक्र करते हुए कहा कि कैब ड्राइवर यात्रा पर नहीं जाने के लिए उपभोक्ताओं को यात्रा रद्द करने और जुर्माना अदा करने के लिए मजबूर करते हैं।
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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये कैब कंपनियां अपने मौजूदा ग्राहकों से बढ़ी हुई दर पर शुल्क ले रही हैं जबकि नए ग्राहकों को कम कीमत पर सेवाएं देकर लुभाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि कैब कंपनियां नए ग्राहकों को लुभाने के लिए एल्गोरिद्म का इस्तेमाल कर रही हैं जिससे पुराने ग्राहकों को नुकसान होता है। यह एक गलत आचरण है। सीसीपीए इन कंपनियों के भारत में परिचालन के लिए बनाए गए एल्गोरिद्म एवं अन्य नीतियों को समझना चाहेगा। यह बैठक 10 मई को होने की उम्मीद है।
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