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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट: कोरोना की दूसरी लहर में 43 दिनों तक रुका रहा देश की नई संसद का निर्माण कार्य
Sat, 19 Jun 2021 01:15 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 19 Jun 2021 01:15 PM IST
सार
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शुक्रवार को 17वीं लोकसभा के दो साल पूरे होने पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नए संसद भवन के निर्माण की मांग लोकसभा और राज्यसभा ने दी थी। मौजूदा संसद भवन एक एतिहासिक इमारत है...
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सेंट्रल विस्टा परियोजना निर्माण कार्य
- फोटो : PTI (File Photo)
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर के चलते लगे लॉकडाउन के कारण नई संसद का काम भी प्रभावित हुआ है। करीब 43 दिनों तक नई संसद का निर्माण कार्य रुका रहा। अप्रैल माह में निर्माण कार्य अपने तय समय से करीब 27 दिन आगे चल रहा था। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में लगे लाकडाउन के कारण निर्माण कार्य 16 दिनों तक पिछड़ गया। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि नई संसद का काम अपने तय से पूरा हो जाएगा। नया संसद भवन 64500 वर्ग मीटर में बनाया जाए रहा, जो चार मंजिला होगा और इसका खर्च 971 करोड़ रुपये आएगा। नए संसद भवन को 2022 तक तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शुक्रवार को 17वीं लोकसभा के दो साल पूरे होने पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नए संसद भवन के निर्माण की मांग लोकसभा और राज्यसभा ने दी थी। मौजूदा संसद भवन एक एतिहासिक इमारत है। मौजूदा संसद भवन में और विस्तार संभव नहीं है। देश को नए संसद भवन की ज़रूरत लंबे समय से है। मौजूदा संसद भवन 100 साल पुराना हो चुका है, कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नया संसद भवन चाहिए। मौजूदा संसद भवन में डिजिटलीकरण संभव नहीं, संसद की उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई इमारत चाहिए। नए संसद भवन में ज़्यादा सांसद बैठ सकेंगे।
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उन्होंने आगे कहा, एतिहासिक पहल के तहत 17वीं लोकसभा के दूसरे वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 10 दिसंबर 2020 को संसद के नए भवन का भूमिपूजन किया। संसद के नए इको फ्रेंडली भवन को देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ से पूर्व तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त संसद का नया भवन सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। भवन में ऊर्जा व पानी के बचत का भी ध्यान रखा गया है। नए भवन में रीसाइक्लिंग और पुनःउपयोग पर भी जोर दिया है। लोकसभा सचिवालय को पूरी तरह पेपर लैस बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना पर 971 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए भवन का निर्माण मौजूदा भवन के सामने किया जाएगा। पुराने संसद भवन का निर्माण 94 साल पहले लगभग 83 लाख रुपये में किया गया था। नए भवन के निर्माण के बाद पुराने भवन को संग्रहालय में तब्दील कर दिया जाएगा। नए संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा के कक्ष बड़े होंगे, जिसमें लोकसभा के लिये 888 जबकि राज्यसभा के लिये 384 सीटों की व्यवस्था होगी। संयुक्त सत्र बुलाने के लिये लोकसभा कक्ष में 1,272 सीटों की व्यवस्था होगी।