धरोहर संरक्षण समिति से हरी झंडी मिलने के बाद शुरू होगा नए संसद भवन का निर्माण
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सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद अब सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। सबसे पहले नए संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा, हालांकि अभी केंद्र सरकार को धरोहर संरक्षण समिति (एचसीसी) की मंजूरी लेनी होगी। समिति से हरी झंडी मिलते ही केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) जमीनी स्तर पर काम शुरू कर देगा।
केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया, सीपीडब्ल्यूडी जल्द ही एचसीसी के सामने मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट पेश करेगा। नए संसद भवन का स्वरूप पहले जैसा ही होगा, लिहाजा समिति से मंजूरी मिलने में दिक्कत नहीं आएगी।
वहीं, सितंबर महीने में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड को इसका ठेका दे दिया गया था। इससे निर्माण कार्य शुरू होने में देरी नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय में विशेष सचिव या अतिरिक्त सचिव स्तर का अधिकारी एचसीसी का चेयरमैन होता है। इसका गठन दिल्ली बिल्डिंग बाइलाज 1983 के तहत हेरिटेज इमारतों के संरक्षण के लिए होता है।
इसमें सीसीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त महानिदेशक, एमसीडी का मुख्य शहरी नियोजक, डीडीए का कमिश्नर नियोजक, एनडीएमसी के मुख्य स्थापत्यकार और पुरातत्व विभाग के महानिदेशक के प्रतिनिधि सदस्य होते हैं।
पीएम ने पिछले महीने किया था शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन का शिलान्यास किया था। सेंट्रल विस्टा परियोजना की घोषणा सितंबर 2019 में की गई थी। इसके तहत त्रिकोण आकार वाले नए संसद भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 900 से 1,200 सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसका निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा होना है।
वहीं, केंद्रीय सचिवालय का निर्माण 2014 तक पूरा होना है। परियोजना पर 20 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।
दिल्ली विश्वस्तरीय राजधानी बनने की ओर: पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, सरकार पर्यावरण संबंधी मुद्दों को लेकर हमेशा संवेदनशील रही है। सेंट्रल विस्टा के निर्माण में दौरान भी उच्च मानकों का पालन किया जाएगा।
दिल्ली निश्चित रूप से विश्वस्तरीय राजधानी शहर बनने की ओर अग्रसर है। इस दिशा में पहले कदम के तौर पर 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने के अवसर पर नया संसद भवन बनकर तैयार हो चुका है। यह नए भारत की नई आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगा।
प्रोजेक्ट की घोषणा से हरी झंडी मिलने तक
सितंबर, 2019: सेंट्रल विस्टा परियोजना की घोषणा की गई।
11 फरवरी, 2020: दिल्ली हाईकोर्ट ने डीडीए को मास्टर प्लान में बदलाव को लेकर किसी भी अधिसूचना जारी करने से पहले कोर्ट जाने को कहा।
28 फरवरी: डीडीए की अपील पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई।
17 जुलाई: पर्यावरण मंजूरी, लैंड यूज संबंधी कई मुद्दों पर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू की।
5 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट ने परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा।
7 दिसंबर: शीर्ष अदालत ने सरकार को शिलान्यास कार्यक्रम करने की मंजूरी दी, हालांकि निर्माण शुरू करने से रोक दिया।
10 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना का शिलान्यास किया।
5 जनवरी, 2021: सुप्रीम कोर्ट ने महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ किया।