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Conrad Sangma: बिना चुनाव लड़े पहली बार CM बने थे कोनराड संगमा, जानें मेघालय के मुख्यमंत्री के बारे में सबकुछ

Tue, 07 Mar 2023 01:43 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 07 Mar 2023 01:43 PM IST
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सार
कोनराड ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 के दशक में अपने पिता पीए संगमा के चुनाव अभियान प्रबंधक के तौर पर की। 2018 विधानसभा चुनाव में संगमा की पार्टी को मिली 19 सीटों और भाजपा के सियासी गणित ने उन्हें सीएम की कुर्सी तक पहुंचा दिया। 
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Conrad Sangma: became CM for the first time without contesting, know Meghalaya CM Conrad Sangma profile
कोनराड संगमा - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

मेघालय में मंगलवार सुबह नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेता कोनराड संगमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। संगमा लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पहुंचे। शिलॉन्ग स्थित राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रेस्टोन टिनसोंग और एस धर ने मेघायल के उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। 

 
कोनराड संगमा का जन्म 1977 में राज्य के वेस्ट गारो हिल्स के तुरा शहर में हुआ था। उनके पिता पीए संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा के अध्यक्ष थे। पीए संगमा राष्ट्रपति चुनाव भी लड़े थे। कोनराड की मां सोरादिनी एक गृहिणी थीं। कोनराड का जन्म भले ही तुरा में हुआ लेकिन पालन-पोषण दिल्ली में हुआ। उन्होंने सेंट कोलंबा स्कूल में शुरुआती शिक्षा हासिल की। उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका गए जहां उन्होंने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय से उद्यमी प्रबंधन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद संगमा ने लंदन की ओर रुख किया और यहां इंपीरियल कॉलेज से वित्त में एमबीए की पढ़ाई की। 

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा (फाइल फोटो)
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
चुनाव प्रबंधक के रूप में करियर की शुरुआत 
कोनराड ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 के दशक में अपने पिता पीए संगमा के चुनाव अभियान प्रबंधक के तौर पर की। उन्होंने अपना पहला चुनाव 2004 में लड़ा था जिसमें संगमा को 182 वोटों से हार झेलनी पड़ी थी। वह पहली बार 2008 के विधानसभा चुनावों में NCP के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार में वित्त एवं बिजली जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उनके नाम मंत्री के तौर पर शपथ लेने के दस दिन के भीतर राज्य का बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वर्ष 2009 से 2013 तक वह विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं।

pa sangma
pa sangma - फोटो : SOCIAL MEDIA
पिता की मृत्यु के बाद NPP अध्यक्ष बने
मार्च 2016 में उन्हें अपने पिता की मृत्यु के बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। उस साल मई में लोकसभा के उपचुनाव में तुरा सीट से चुनाव मैदान में उतरे और 1.92 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने 2018 से दक्षिण तुरा सीट और 2008 से 2013 तक सेलसेला निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

Conrad K Sangma
Conrad K Sangma - फोटो : SOCIAL MEDIA
नहीं लड़ा विधानसभा चुनाव फिर भी बन गए सीएम 
2018 विधानसभा चुनाव में संगमा की पार्टी को मिली 19 सीटों और भाजपा के सियासी गणित ने उन्हें सीएम की कुर्सी तक पहुंचा दिया। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) अध्यक्ष कोनराड संगमा अपने पिता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पूर्णो ए. संगमा की विरासत पर चलते हुए महज 40 साल की उम्र में ही मेघालय के मुख्यमंत्री बन गए। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि संगमा ने पिछली बार विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था। बाद में अगस्त 2018 में, उन्होंने दक्षिण तुरा सीट के लिए उपचुनाव लड़ा और कांग्रेस की अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी शार्लेट मोमिन को 8,400 से अधिक वोटों के अंतर से हराकर विधानसभा पहुंचे।

AGATHA
AGATHA - फोटो : SOCIAL MEDIA
बहन मनमोहन सरकार में रह चुकी हैं मंत्री
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा की पुत्री अगाथा को ही उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता था, लेकिन कोनराड ने अपनी बहन को पीछे छोड़ते हुए यह विरासत संभाली। अगाथा मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। अगाथा सरकार की सबसे युवा मंत्रियों में शामिल थीं।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा - फोटो : PTI
इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी एनपीपी 
कोनराड के संगमा की पार्टी एनपीपी ने 27 फरवरी को हुए विधानसभा चुनावों में 26 सीटें जीती। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी इस चुनाव में सीएम संगमा दक्षिण तुरा सीट से 5016 वोटों से जीते। भगवा पार्टी ने बाद में कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय संगठन को समर्थन दिया। राज्य में भाजपा के दो विधायकों सहित 45 विधायकों के समर्थन वाले एनपीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश किया।

गिटार बजाते कोनराड संगमा
गिटार बजाते कोनराड संगमा - फोटो : इंस्टाग्राम
सामाजिक कार्य से भी जुड़े हैं संगमा 
राजनीति के अलावा, संगमा पीए संगमा फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्य से जुड़े रहे हैं। फाउंडेशन शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरी के लिए काम करता है और ग्रामीण मेघालय में चार कॉलेज भी चलाता है। वह वर्तमान में मेघालय क्रिकेट संघ और खेल अकादमी के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। संगमा इलेक्ट्रिक गिटार बजाने का शौक रखते हैं जिसके वीडियो भी वह सोशल मीडिया पर अक्सर साझा करते हैं।
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