Congress: अगले तीन महीने में देश के हर घर तक ऐसे पहुंचेगी कांग्रेस! पार्टी चलाएगी अब तक का सबसे बड़ा अभियान
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विस्तार
कांग्रेस ने अगले कुछ दिनों के भीतर केंद्र सरकार को घेरने के लिए एक बार फिर से जनता के उन मुद्दों में से एक मुद्दे को बाहर निकाला है, जिस पर बड़ी रणनीति पार्टी ने बनाई है। पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक अगले 90 दिनों के भीतर सभी राज्यों में एक बड़े जन अभियान के माध्यम से डीजल और पेट्रोल पर वसूले जा रहे टैक्स और सरकारी/प्राइवेट कंपनियों को होने वाले मुनाफे के बारे में बताएगी। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि जिस तरीके से उनकी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में जनता से जुड़े सीधे मुद्दों को उनके ही बीच में ले जाकर रखा है, ठीक उसी तरह इस मुद्दे को भी वह जनता के बीच में ले जाएंगे।
अगले कुछ दिनों में इस तरीके से बढ़ेगा अभियान
कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता पार्टी और राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश कहते हैं कि बीते एक साल के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में 35 फीसदी की गिरावट हुई है। बावजूद इसके डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कोई कमी नहीं हुई है। जयराम रमेश का आरोप है कि केंद्र सरकार डीजल और पेट्रोल के माध्यम से ना सिर्फ मुनाफाखोरी कर रही है, बल्कि जनता को मिलने वाली राहत भी नहीं दी जा रही है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि इतनी बड़ी मुनाफाखोरी पर उनकी पार्टी चुप नहीं रहने वाली है। केंद्र सरकार की ओर से जनता के साथ हो रही लूट के बारे में उनके कार्यकर्ता 'हर घर-हर दर' पर जाकर इसके बारे में बताएंगे। इसके लिए जल्द ही एक बड़ा ध्यान समूचे देश में चलाया जाएगा।
कांग्रेस का दावा, 10 रुपये से ज्यादा हो रहा प्रति लीटर मुनाफा
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश दावा करते हैं कि सरकारी और प्राइवेट तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीज़ल बेचने पर 10 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा मुनाफा हो रहा है। इसके बावजूद कंपनियों द्वारा देश की जनता को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश की तीन सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को मौजूदा वित्त वर्ष मे एक लाख करोड़ रुपये के करीब ऑपरेटिंग प्रॉफिट होने का अनुमान है। यह बीते वर्ष के 33 हजार करोड़ रुपये का तीन गुना है। साथ ही पहली तिमाही में उनका रिफाइनिंग मार्जिन में भी इजाफा होने का अनुमान है। जयराम रमेश कहते हैं कि यदि सरकारी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं, तो प्राइवेट कंपनियों को भी यह भारी लाभ दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि जब इतना मुनाफा कमाया जा रहा है, तो जनता को मिलने वाली राहत केंद्र सरकार की ओर से क्यों नहीं दी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमत कम फिर भी पेट्रोल डीजल के दाम आसमान में
कांग्रेस ने अपनी सरकार और मोदी सरकार की एक तुलनात्मक रिपोर्ट भी बनाई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश कहते हैं कि कांग्रेस शासन में मई 2014 में पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क केवल 9.20 रुपये प्रति लीटर और 3.46 रुपये प्रति लीटर था, जिसे भाजपा सरकार द्वारा आज के दिन पेट्रोल पर 19.90 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 15.80 रुपये प्रति लीटर वसूला जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने डीजल और पेट्रोल के बढ़े हुए दामों पर मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि जब मोदी सरकार के कार्यकाल में औसतन कच्चे तेल की कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल से कम रहे हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी क्यों नहीं की गई। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार जनता को मिलने वाला लाभ नहीं देना चाहती है।
डीजल और पेट्रोल में राहत देने की मांग
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए जनता को पेट्रोल और डीजल में राहत देने की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कहते हैं कि सरकार को डीजल और पेट्रोल में मुनाफे को खत्म करते हुए 25 से 30 प्रति लीटर इनकी कीमत कम करनी चाहिए। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्यों में आई भारी कमी के चलते पेट्रोल और डीजल में इतने रुपये की तो कमी होनी ही चाहिए। कांग्रेस पार्टी से जुड़े रणनीतिकारों का कहना है कि जिस तरीके से उनकी पार्टी ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर भाजपा की सत्ता को बदल दिया है, ठीक उसी तरह डीजल और पेट्रोल के मामले में वह देश के सभी राज्यों में लोगों को बताएंगे। उनका कहना है कि उनकी पार्टी किसी भी तरीके से जाति धर्म और मजहब के नाम पर सियासत नहीं करने वाली। पार्टी के नेताओं का मानना है कि डीजल और पेट्रोल को लेकर कोई सियासत नहीं करेंगे, बल्कि जनता को इसमें रियायत दिलाने की मांग करते रहेंगे। पार्टी का मानना है कि ऐसे ही जनता के मुद्दों को आगे रखकर ही वह आगे बढ़ेगी।