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तीन तलाक बिल मामला: कांग्रेस गैरहाजिर चार सांसदों पर नहीं करेगी कार्रवाई
Thu, 01 Aug 2019 03:55 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 01 Aug 2019 03:55 AM IST
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कांग्रेल (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के 24 सदस्यों के राज्यसभा से गैरहाजिर होने पर कोई भी पार्टी अपने सांसदों पर कार्रवाई करती नहीं दिख रही है। कांग्रेस ने अपने चारों सांसदों पर किसी प्रकार की कार्रवाई से इंकार कर ठीकरा पूरी तरह से सरकार पर फोड़ा है।
तीन तलाक पर मतदान के दौरान डा. संजय सिंह को मिलाकर कांग्रेस के पांच सांसद मौजूद नहीं थे। संजय सिंह ने पार्टी छोड़ दी जबकि प्रताप सिंह बाजवा, रंजीब बिश्वाल, विवेक तनखा और मुकुट मिथि के सदन में न होने को पार्टी उनकी गलती नहीं मानती। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार ने जान बूझकर देर रात अगले दिन बिल लाने की जानकारी दी।
ऐसे में व्यक्तिगत कारणों से जो सदस्य दिल्ली से बाहर थे संसद में नहीं आ पाए। हालांकि इसे पार्टी की रणनीतिक चूक माना जाएगा क्योंकि जब उसे पता था कि तीन तलाक बिल लोकसभा से पारित हो चुका है और सत्र को आगे बढ़ाया गया है इसलिए इसे राज्यसभा में तो आना ही था।
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टीएमसी के 13 में एक गायब सांसद केडी सिंह ने पार्टी को गैरहाजिर होने का जो कारण बताया है पार्टी उसे पचा नहीं पा रही है। सूत्रों के मुताबिक केडी.सिंह ने बताया है कि उनका पेट खराब था इसलिए नहीं सदन में नहीं थे। केडी सिंह एक मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। सीबीआई ने सोमवार को नारद स्टिंग मामले में उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस देकर बुलाया था लेकिन उन्होंने संसद सत्र चलने का हवाला दिया था।
एनसीपी के चार सदस्यों में दो सदन में मौजूद थे लेकिन जो दो लोग गैरहाजिर थे उसमें पार्टी के मुखिया शरद पवार और वरिष्ठ ने प्रफुल्ल पटेल शामिल हैं ऐसे में कोई ये भी नहीं पूछ सकता था कि वे सदन में क्यों मौजूद नहीं थे।
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तीन तलाक पर मतदान के दौरान डा. संजय सिंह को मिलाकर कांग्रेस के पांच सांसद मौजूद नहीं थे। संजय सिंह ने पार्टी छोड़ दी जबकि प्रताप सिंह बाजवा, रंजीब बिश्वाल, विवेक तनखा और मुकुट मिथि के सदन में न होने को पार्टी उनकी गलती नहीं मानती। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार ने जान बूझकर देर रात अगले दिन बिल लाने की जानकारी दी।
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ऐसे में व्यक्तिगत कारणों से जो सदस्य दिल्ली से बाहर थे संसद में नहीं आ पाए। हालांकि इसे पार्टी की रणनीतिक चूक माना जाएगा क्योंकि जब उसे पता था कि तीन तलाक बिल लोकसभा से पारित हो चुका है और सत्र को आगे बढ़ाया गया है इसलिए इसे राज्यसभा में तो आना ही था।
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टीएमसी के 13 में एक गायब सांसद केडी सिंह ने पार्टी को गैरहाजिर होने का जो कारण बताया है पार्टी उसे पचा नहीं पा रही है। सूत्रों के मुताबिक केडी.सिंह ने बताया है कि उनका पेट खराब था इसलिए नहीं सदन में नहीं थे। केडी सिंह एक मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। सीबीआई ने सोमवार को नारद स्टिंग मामले में उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस देकर बुलाया था लेकिन उन्होंने संसद सत्र चलने का हवाला दिया था।
एनसीपी के चार सदस्यों में दो सदन में मौजूद थे लेकिन जो दो लोग गैरहाजिर थे उसमें पार्टी के मुखिया शरद पवार और वरिष्ठ ने प्रफुल्ल पटेल शामिल हैं ऐसे में कोई ये भी नहीं पूछ सकता था कि वे सदन में क्यों मौजूद नहीं थे।
राज्यसभा में हिंदू महिलाओं के तलाक का मामला उठा
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद डा. सीपी. ठाकुर ने हिंदू महिलाओं के कोर्ट में सालों साल लंबित मामला का मामला उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि मुस्लिम महिलाओं उद्धार का जो बिल पारित हुआ है उसे देखकर कुछ हिंदू महिलाएं मेरे पास आई और कहा कि हम लोगों के यहां जो तलाक के मामले चलते हैं तो बीस साल स्थानीय कोर्ट, फिर जिला न्यायालय और बीस साल हाईकोर्ट में लगते हैं।
इस तरह औसतन 40-50 वर्ष बीत जाते हैं। इसके कारण जो महिलाएं कोर्ट में आवेदन करती हैं वे रजोनिवृत्त की उम्र में पहुंच जाती हैं। इसके कारण वे दूसरी शादी भी नहीं कर सकती हैं। मेरा कहना है कि इसमें सुधार की आवश्यकता है। सदन में चार सांसदों ने इस मांग से खुद को संबद्ध किया।
इस तरह औसतन 40-50 वर्ष बीत जाते हैं। इसके कारण जो महिलाएं कोर्ट में आवेदन करती हैं वे रजोनिवृत्त की उम्र में पहुंच जाती हैं। इसके कारण वे दूसरी शादी भी नहीं कर सकती हैं। मेरा कहना है कि इसमें सुधार की आवश्यकता है। सदन में चार सांसदों ने इस मांग से खुद को संबद्ध किया।