भाजपा-केजरीवाल की इन गलतियों का फायदा उठाएगी कांग्रेस, शीला दीक्षित ने किया व्यापारियों से ये वादा
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली की अवैध इमारतों पर सीलिंग का हथौड़ा खूब चला। इससे दिल्ली के लाखों व्यापारियों के सीधे प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अनगिनत व्यापारियों की रोजी-रोटी पर हमेशा के लिए संकट मंडरा रहा है। ऐसे में इस बात की भी उम्मीद है कि अगले लोकसभा चुनाव में दिल्ली में यह मुद्दा खूब उछलेगा। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लपकते हुए व्यापारियों को सीलिंग से निजात दिलाने का वायदा किया है।
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के सैकड़ों पदाधिकारियों की दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को एक बैठक हुई। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इंटक पदाधिकारियों को व्यापारियों के बीच पार्टी के इस संदेश को पहुंचाने के लिए कहा कि कांग्रेस ने ही व्यापारियों के अनेक बाजारों को कानून बनाकर सीलिंग से बचाया था।
आज भी केंद्र सरकार के पास कानून के विकल्प मौजूद हैं और अगर वह चाहे तो व्यापारियों को सीलिंग के नुकसान से बचाने के लिए कुछ नोटीफिकेशन जारी कर सकती है। लेकिन भाजपा ने अब तक इस तरह का कोई नोटीफिकेशन लाने में रुचि नहीं दिखाई है। यानि कि यूपीए सरकार में बने कानून के सहारे कांग्रेस भाजपा को पटखनी देने के मूड में है।
सीलिंग पर तू तू-मैं मैं का खेल
आम आदमी पार्टी ने सीलिंग की परेशानी को पूरी तरह भाजपा के खाते में डालते हुए कहा था कि केंद्र सरकार अगर चाहे तो दिल्ली के लोगों को सीलिंग से बचाने का नियम पास कर सकती है। उसे एक नोटीफिकेशन जारी करने की जरुरत है। वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सीलिंग को हमेशा आम आदमी पार्टी सरकार की लापरवाही का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा देकर वे जानकारियां देनी थीं जिसके बाद उन इलाकों में सीलिंग न होती। लेकिन दिल्ली सरकार ने कोर्ट के सामने पूरी जानकारी नहीं साफ की जिसके कारण आज दिल्ली वालों को सीलिंग का दंश झेलना पड़ रहा है।
वहीं, कांग्रेस इस मुद्दे को यूपीए सरकार के एक कानून का हवाला देकर इसे भाजपा-आप के बीच राजनीतिक खेल करार दे रही है। पूर्व दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने इस मामले पर एक पूरी प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि किस तरह यूपीए सरकार ने एक नियम बनाकर दिल्ली को सीलिंग से बचाने का कानून बनाया था।
उनके मुताबिक अगर सरकार चाहे तो केवल उस नियम को लागू करके ही दिल्ली को सीलिंग से बचा सकती है। कांग्रेस अब उसी कार्ड को दोबारा मजबूती से खेलने की तैयारी कर रही है।