कांग्रेस करेगी मोदी सरकार के खिलाफ राफेल, बेरोजगारी और कृषि संकट पर जनांदोलन शुरू
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कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले राफेल, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की स्थिति और कृषि संकट पर नरेंद्र मोदी सरकार को जमीनी स्तर पर घेरने के लिए जनांदोलन आरंभ करने का फैसला किया है। पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की शनिवार को हुई विस्तारित बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही कांग्रेस ने कहा कि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जुड़े 'असम करार' को लेकर कांग्रेस प्रतिबद्ध है। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ' कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में असम के एनआरसी, मोदी सरकार का भ्रष्टाचार, अर्थव्यवस्था की स्थिति, बेरोजगारी और कृषि संकट पर विस्तार से चर्चा हुई।'
उन्होंने कहा, ‘‘संसद के भीतर कांग्रेस के सांसद सरकार को घेरेंगे। इसके साथ ही सड़क पर सरकार को घेरने के लिए एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा ताकि यह सरकार जो केवल षडयंत्र, बंटवारे और नफरत की राजनीति के आधार पर मुद्दों को भटकाती है, उसे मुद्दों पर जवाब देने के लिए मजबूर किया जाए।’’ उन्होंने कहा, 'कार्यसमिति ने इस बात पर जोर दिया कि एनआरसी की पूरी प्रक्रिया असम समझौते के तहत शुरू हुई थी।
पूरी प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई। इसका लक्ष्य था कि जो विदेशी अवैध तरीके से आये हैं उनकी पहचान हो।' सुरजेवाला ने कहा, 'मई 2016 तक असम में तरुण गोगोई की सरकार ने एनआरसी के 80 फीसदी काम को पूरा कर लिया था। कांग्रेस असम करार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताती है। लेकिन इस प्रक्रिया से 40 लाख लोग बाहर रह गए। इसमें हिन्दू बंगाली हैं, सेना के लोग हैं, दूसरे राज्यों के लोगों के नाम भी इसमें हैं।'
भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने का संपूर्ण और तर्कसंगत अवसर मिलना चाहिए
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का यह भी मत है कि हर भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने का संपूर्ण और तर्कसंगत अवसर मिलना चाहिए।' सुरजेवाला ने आरोप लगाया, 'भाजपा पूरी प्रक्रिया को सामाजिक तानेबाने को तोड़ने के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसका कारण है कि मोदी सरकार अपनी नाकामियों से देश का ध्यान भटकाना चाहती है। कार्यसमिति ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे इस षडयंत्र को नाकाम करें।'
उन्होंने राफेल मुद्दे को लेकर सवाल किया, 'राफेल पर मोदी और निर्मला सीतारमण किस कारण से राफेल की कीमत बताने से इनकार कर रहे हैं? क्या 48000 करोड़ रुपये का सरकारी खजाने को चूना लगा है उससे भाग रहे हैं? क्या प्रधानमंत्री ने सुरक्षा मामले की कैबिनेट की अहवेलना नहीं की ?’’ उन्होंने कहा, 'बैंकिग घोटाले पर भी मन्त्रणा हुई।
मेहुल चौकसी को एंटीगुआ की नागरिकता दिलाने के लिए मोदी सरकार के इशारे पर विदेश मंत्रालय ने क्लीन चिट दी थी। इस बात का भी संज्ञान लिया गया कि ईडी और सीबीआई ने समय रहते रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए पहल नहीं की। मोदी सरकार भगोड़ा को भगाने में संलिप्त है।' सुरजेवाला ने कहा, 'देश में बेरोजगारी की बड़ी समस्या है। कृषि संकट है। बैठक में इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई।'
सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में सीडब्ल्यूसी की बैठक में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल नहीं हो सकीं। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और कार्य समिति के अन्य सदस्य, स्थायी आमंत्रित सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हुए।