Bharat Nyay yatra: यात्रा से इन राज्यों की 14 सीटों को साधेगी कांग्रेस, विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था फायदा
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भारत न्याय शुरू करने जा रहे हैं। 14 जनवरी से मणिपुर से शुरू होकर यह यात्रा 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी। राहुल इस यात्रा के दौरान 14 राज्य और 85 जिलों को कवर करेंगे। इस दौरान वे बस से और पैदल 6,200 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करेंगे। यह मणिपुर से शुरू होकर नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी। यह यात्रा हिंदी पट्टी के तीन अहम राज्य मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी जाएगी। भारत जोड़ो यात्रा एमपी और राजस्थान में भी निकाली गई थी, लेकिन छत्तीसगढ़ में यात्रा नहीं गई थी। इस बार न्याय यात्रा छत्तीसगढ़ में भी पहुंच रही है।
राजस्थान और मध्यप्रदेश में एंट्री, इन सीटों पर रहेगा फोकस
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश में करीब सात दिन रहेंगे। इस दौरान वे 698 किलोमीटर बस से और पैदल चलेंगे। यात्रा मप्र के ग्वालियर-चंबल और मालवा के 9 जिलों से होकर गुजरेगी। राहुल राजस्थान के धौलपुर से होते हुए मध्यप्रदेश के मुरैना में प्रवेश करेंगे। यहां से यात्रा ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, आगर, मालवा, उज्जैन, रतलाम से झाबुआ होते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा में चली जाएगी। इस रूट में मप्र की सात लोकसभा सीटें आएंगी। पिछली भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी ने महाराष्ट्र से मप्र में प्रवेश किया था। वे बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर मालवा होते हुए राजस्थान गए थे। हालांकि इस यात्रा का कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में फायदा नहीं मिल पाया। इन जिलों की 26 सीटों में से कांग्रेस 4 सीटें ही जीत पाई थी।
राजस्थान में महज दो सीटों से गुजरेगी यात्रा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा राजस्थान के दो जिलों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा में धौलपुर और बांसवाड़ा जिले कवर होंगे। दोनों जिलों में 128 किलोमीटर का सफर तय होगा। यात्रा दो चरण से होकर गुजरेगी। पहले चरण में उत्तर प्रदेश से धौलपुर जिले में आकर ग्वालियर के लिए निकलेगी और फिर मध्यप्रदेश में चलेगी। मध्यप्रदेश के बाद यात्रा बांसवाड़ा जिले से फिर राजस्थान में एंट्री करेगी। इसके बाद बांसवाड़ा से यात्रा गुजरात में प्रवेश करेगी। यात्रा मार्च के आसपास राजस्थान में एंट्री करेगी। इस बार की यात्रा में राहुल केवल चुनिंदा जगहों पर ही पैदल चलेंगे, बाकि यात्रा बस से पूरी होगी। धौलपुर और बांसवाड़ा में चुनिंदा जगहों पर राहुल गांधी पैदल चलेंगे और कुछ सभाओं को संबोधित करेंगे। यात्रा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है। राजस्थान में इस यात्रा में दो लोकसभा सीट कवर होंगी।
कांग्रेस का दावा है कि यात्रा से इन लोकसभा सीट पर फायदा होगा। पार्टी के वर्कर की एकजुट होकर चुनाव में उतरने की संभावना बढ़ेगी। बांसवाड़ा इलाके से राहुल गांधी की यात्रा निकलेगी, वहां भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) का प्रभाव है। बीएपी ने इस इलाके में कांग्रेस और भाजपा के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। राहुल की पहली भारत जोड़ो यात्रा के रूट में कुल 19 में से केवल 8 सीट कांग्रेस को मिली थीं। जबकि 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 13 सीट जीती थीं। यात्रा वाले रूट पर कांग्रेस को 5 सीट का नुकसान हुआ है। यात्रा कोटा की 5, झालावाड़, टोंक व बूंदी की 1-1, दौसा की 4, सवाई माधोपुर की 3 और अलवर की 4 सीटों से होकर गुजरी थी।
छत्तीसगढ़ में राहुल की पहली यात्रा, इन पांच सीटों पर इसलिए है फोकस
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा छत्तीसगढ़ से भी होकर गुजरेगी। इस दौरान राहुल गांधी 5 दिन प्रदेश में यात्रा करेंगे। इन 5 दिनों में वो 7 जिलों और 5 लोकसभा सीटों को कवर करेंगे। इसमें वे हसदेव भी जाएंगे। राहुल गांधी की यात्रा ओडिशा से होते हुए रायगढ़ में प्रवेश करेगी। रायगढ़, सक्ती, जांजगीर-चांपा, कोरबा, अंबिकापुर, सूरजपुर और बलरामपुर ये वो 7 जिलें हैं, जहां से यात्रा गुजर सकती है। हालांकि अभी छत्तीसगढ़ के लिए फाइनल रोडमैप आना बाकी है। यात्रा लोकसभा से ठीक पहले हो रही है। ऐसे में यात्रा का फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा लोकसभा की सीटों को कवर किया जाए।
छत्तीसगढ़ की रायगढ़, जांजगीर, कोरबा और सरगुजा लोकसभा सीटों से यह यात्रा गुजर सकती है। 14 जनवरी को शुरू होने वाली यह यात्रा लगभग 1 महीने बाद छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकती है। संभावना है कि 18 फरवरी के आसपास ये यात्रा रायगढ़ से प्रदेश में प्रवेश करेगी। 5 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में बलरामपुर होते हुए राहुल सोनभद्र से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेंगे। फिलहाल छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीटों में दो कांग्रेस के पास हैं, बाकी 9 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस यात्रा से होने वाले लोकसभा चुनाव में बेहद असर पड़ने वाला है। छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी की यह पहली यात्रा होगी। इससे पहले राहुल गांधी ने साल 2023 में भारत जोड़ो यात्रा की थी, लेकिन वह यात्रा मध्यप्रदेश से आगे बढ़ गई थी और छत्तीसगढ़ नहीं आई थी। इस बार यात्रा प्रदेश की पांच लोकसभा सीटों से होकर गुजरेगी।