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वंदे मातरम पर घमासान: जम्मू-कश्मीर में पूरा गीत बजा तो कांग्रेस भड़की, सहयोगियों से बोली- फैसले का करें सम्मान

Tue, 08 Sep 2026 08:46 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 08 Sep 2026 08:46 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने के बाद कांग्रेस ने सहयोगी दलों से अपने रुख का समर्थन करने की अपील की। पार्टी ने स्वतंत्रता सेनानियों के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वही संस्करण गाया जाना चाहिए, जिसे कांग्रेस ने अपनाया है।

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Congress Urges Allies to Respect Freedom Fighters Judgment on Full Vande Mataram Version
वंदे मातरम विवाद - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरों के गायन को लेकर कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों से पार्टी के रुख के साथ खड़े होने की अपील की है। कांग्रेस ने कहा कि उसके सहयोगियों को स्वतंत्रता सेनानियों के निर्णय और उस समय की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केवल उसी संस्करण को गाना चाहिए, जिसे पार्टी ने अपनाया है।
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यह विवाद सोमवार को जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने के बाद सामने आया। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे। कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं।
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कांग्रेस ने पूरे वंदे मातरम पर क्या कहा?

कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पूरे वंदे मातरम के गायन का वीडियो साझा करते हुए कहा कि इसका पूरा संस्करण भारत के स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा परिकल्पित समन्वयवादी और बहुलतावादी भावना के अनुरूप नहीं बैठता।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू और जेबी कृपलानी जैसे नेताओं की सोच कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है। वेणुगोपाल ने कहा कि इस विषय पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह का भी महत्वपूर्ण प्रभाव था।

कांग्रेस नेता ने सहयोगी दलों से अपील की कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के निर्णय का सम्मान करें और वंदे मातरम के उसी संस्करण को गाने में पार्टी का साथ दें, जिसे कांग्रेस ने अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस संस्करण को जानबूझकर इसलिए चुना गया था ताकि गीत का सांप्रदायिक इस्तेमाल न हो।

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और भाजपा में क्यों है विवाद?

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने पिछले महीने फैसला किया था कि पार्टी 1937 में पारित अपने प्रस्ताव का पालन करेगी। इसके तहत कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम की केवल दो पंक्तियां या अंतरे गाए जाएंगे। इस फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया था। भाजपा नेताओं का कहना था कि कांग्रेस को राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाना चाहिए।


विवाद उस समय और बढ़ गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो अंतरे गाने के फैसले को ‘राष्ट्रविरोधी’ बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा कर रही है। इसके जवाब में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भाजपा नेताओं को ‘फर्जी राष्ट्रवादी’ करार दिया था। अब जम्मू-कश्मीर के कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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