Karnataka: कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला की मल्लिकार्जुन खरगे को नसीहत, PM मोदी पर टिप्पणी को लेकर कही यह बात
दरअसल, कर्नाटक चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जुबान फिसल गई। उन्होंने गुरुवार को पीएम मोदी को लेकर एक विवादित बयान दे दिया।
विस्तार
कांग्रेस समर्थक और भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के भाई तहसीन पूनावाला ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा है। तहसीन पूनावाला ने ट्वीट किया, आप जितना अधिक व्यक्तिगत रूप से माननीय प्रधानमंत्री पर हमला करेंगे, उतना ही इसका उल्टा असर होगा। मुद्दों को लेकर उन पर हमला करो। हमसब लोकतंत्र का हिस्सा हैं। इसे व्यक्तिगत मत बनाइए। कर्नाटक चुनाव में जीत के लिए राज्य के मुद्दों पर टिके रहें- माननीय प्रधानमंत्री का अपमान करने की कोई जरूरत नहीं है !!
The MORE you attack the Hon'ble PM personally the more it will backfire. Attack him on issues . We are a democracy. DON'T MAKE it personal. #Karnataka is there for the taking. Stick to state issues - no need to insult the Hon'ble PM!!
— Tehseen Poonawalla Official 🇮🇳 (@tehseenp) April 27, 2023विज्ञापन
दरअसल, कर्नाटक चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जुबान फिसल गई। उन्होंने गुरुवार को पीएम मोदी को लेकर एक विवादित बयान दे दिया। खरगे कर्नाटक में पार्टी का चुनाव प्रचार करने के लिए कलबुर्गी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पहले पीएम मोदी को अच्छा इंसान बताया और फिर उनकी भाषा अभद्र होती चली गई। खरगे ने कहा, पीएम मोदी जहरीले सांप की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं। लेकिन यदि आप इसके संपर्क में आते हैं तो आपकी जान चली जाएगी।
हालांकि, बाद में खरगे ने इस पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी के लिए नहीं बोल रहा था। मेरा मतलब था कि भाजपा की विचारधारा सांप की तरह है। मैंने पीएम मोदी के लिए व्यक्तिगत रूप से यह कभी नहीं कहा। मैंने जो कहा था कि उनकी विचारधारा सांप की तरह है और यदि आप इसे छूने की कोशिश करते हैं, तो आपकी मृत्यु निश्चित है।
खरगे ने मांगी माफी
मामले में जब विवाद बढ़ा तो खरगे ने ट्विटर के जरिए भी स्पष्टीकरण दिया और माफी भी मांगी। खरगे ने कहा कि भाजपा की विचारधारा विभाजनकारी, वैमनस्यपूर्ण और गरीबों व दलितों के प्रति नफरत व पूर्वाग्रह से भरी है। मैंने इसी नफरत व द्वेष की राजनीति की चर्चा की। मेरा बयान न व्यक्तिगत तौर से प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए था, ना किसी और व्यक्ति विशेष के लिए। प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारी लड़ाई निजी लड़ाई नहीं है। यह वैचारिक लड़ाई है।