{"_id":"5ae4d3064f1c1b5c098b7043","slug":"congress-slams-modi-government-over-red-fort-goes-to-dalmia","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस बोली- उद्योगपतियों को सौंप रहे लालकिला, मोदी सरकार ने दी सफाई","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कांग्रेस बोली- उद्योगपतियों को सौंप रहे लालकिला, मोदी सरकार ने दी सफाई
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:31 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली के लाल किले समेत देश की अन्य ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व से जुड़ी इमारतों की देखरेख का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
प्रवक्ता पवन खेड़ा का कहना है कि बचपन से एक नारा सुनता आ रहा हूं, लाल किले पर कमल निशान मांग रहा है हिंदुस्तान। लाल किले पर कमल और हाथ का निशान कैसे हो सकता है? हमारी जिस धरोहर पर तिरंगा लहराया जाता है, उसे किसी उद्योगपति को कैसे सौंपा जा सकता है? अगर आप धन की कमी के चलते निजी हाथों में सौंप रहे हैं तो यह भी बताएं कि हर साल एएसआई को आवंटित बजट भी खर्च नहीं होता है। यह तर्क गलत है कि पैसा आएगा और वहां लगाया जाएगा।
विज्ञापन
लाल किले पर सरकार की सफाई
पर्यटन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक धरोहर के लिए डालमिया भारत लिमिटेड के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर सिर्फ उसके विकास, परिचालन और रखरखाव के लिए किया गया है। कंपनी को 17वीं सदी के इस प्राचीर के आसपास के सिर्फ गैर-जरूरी क्षेत्रों में रहने की इजाजत है।
विज्ञापन
मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि धरोहर गोद लेना राजस्व न जुटाने वाली किसी परियोजना के लिए जरूरी है। यह जवाबदेह पर्यटन का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी के सीएसआर फंड के इस्तेमाल से लाल किले का रखरखाव किया जाएगा। सरकार की मोनुमेंट मित्रा योजना में सीएसआर फंड का इस्तेमाल जरूरी किया गया है।