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'FIR से नहीं डरेंगे': राहुल पर केस के बाद कांग्रेस का BJP पर हमला, कहा- जातिवादी मानसिकता के खिलाफ लड़ाई जारी

Mon, 31 Aug 2026 10:55 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 31 Aug 2026 10:55 AM IST
सार

कुमारी सैलजा ने कहा कि मुकदमों से राहुल गांधी या कांग्रेस डरने वाली नहीं है। पार्टी लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब देगी और दलित सम्मान व संविधान की रक्षा की लड़ाई जारी रखेगी।

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Congress Slams FIR Against Rahul Gandhi, Says Fight Against Casteist Mentality Will Continue
कुमारी सैलजा, कांग्रेस महासचिव  - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी के बयान पर दर्ज एफआईआर के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि वह इस कार्रवाई का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब देगी। कांग्रेस ने साफ कहा कि जातिवादी मानसिकता के खिलाफ उसकी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी।

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राहुल गांधी पर एफआईआर को लेकर कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खरगे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया, जिन्होंने इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई थी। सैलजा ने आरोप लगाया कि पहले शुद्धिकरण कार्यक्रम किया गया और फिर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से उसका बचाव किया। अब राहुल गांधी ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की तो उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह भाजपा-आरएसएस की 'दलित विरोधी और संविधान विरोधी' सोच का एक बहुत गंभीर उदाहरण है।

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कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर क्या आरोप लगाया?

कुमारी सैलजा ने सवाल उठाया कि पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस को यह गलतफहमी दूर कर देनी चाहिए कि केस के डर से राहुल गांधी या कांग्रेस पीछे हट जाएंगे। उन्होंने कहा 'यह गांधी परिवार है, जिसका देश के लिए त्याग और समर्पण का इतिहास रहा है। न तो FIR और न ही सत्ता का दबाव इस आवाज को डरा या चुप करा सकता है।' कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक और कानूनी माध्यमों से इस कार्रवाई का जवाब देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दलित सम्मान, संविधान की रक्षा और कथित जातिवादी मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

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खरगे से जुड़े मामले में राहुल गांधी ने क्या कहा था?

कांग्रेस के मुताबिक, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की सार्वजनिक सभा हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने इस घटना को दलित सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस घटना की आलोचना की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। कांग्रेस का कहना है कि खरगे ने भी संसद में इस घटना का जिक्र करते हुए इसे छुआछूत की भावना से जोड़कर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी।

राहुल गांधी के खिलाफ FIR क्यों दर्ज हुई?

पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी निवासी अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया, जिससे वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। शिकायतकर्ता ने खुद को अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़ा बताया और दावा किया कि कथित कार्यक्रम में अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल थे। उनका आरोप है कि इस कार्यक्रम का खरगे की जाति से कोई संबंध नहीं था।

पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जो समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने से संबंधित हैं। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी लगाई गई हैं।

भाजपा ने ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर क्या कहा था?

इस विवाद पर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि खरगे की सभा के बाद रामलीला मैदान में गंदगी रह गई थी और धार्मिक स्थल पर अनुचित नारे लगाए गए थे। इसी आधार पर भाजपा ने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का बचाव किया था। वहीं, कांग्रेस ने इस घटना को दलितों के सम्मान और सामाजिक समानता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। विवाद के बीच प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और घटना को शर्मनाक मानसिकता का प्रतीक बताया था।

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