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Emergency: 'कांग्रेस को आपातकाल लगाने के लिए माफी मांगनी चाहिए', पूर्व उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू का बयान

Fri, 20 Jun 2025 03:26 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 20 Jun 2025 03:26 PM IST
सार

नायडू ने बताया कि उन्होंने छात्रों को संबोधित करने के लिए जयप्रकाश नारायण को आमंत्रित किया था, जिस पर सरकार ने उन्हें मेंटिनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा कानून) के तहत गिरफ्तार कर लिया था।

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Congress should apologise to people for imposing Emergency in 1975 says former VP Venkaiah Naidu
एम वेंकैया नायडू - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को साल 1975 में आपातकाल लगाने के लिए देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। नायडू ने कहा कि आपातकाल लगाना कठोर कदम था, जिसमें नागरिकों अधिकारियों को छीना गया। एक इंटरव्यू में पूर्व उपराष्ट्रपति ने बताया कि जब देश में आपातकाल लागू हुआ, उस समय वे आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संघ के नेता थे। उन्हें भी आपातकाल में करीब डेढ़ साल जेल में बिताना पड़ा था।  
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'नागरिक अधिकार छीनने के लिए माफी मांगे कांग्रेस'
पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि 'कांग्रेस को आपातकाल के लिए देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को इसे लेकर पछतावा होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी इसके लिए माफी नहीं मांगी। अब जब देश में आपतकाल लागू हुए 50 साल होने जा रहे हैं, तो ऐसे में कांग्रेस पार्टी को सार्वजनिक रूप से इस पर पछतावा होना चाहिए।' नायडू ने कहा कि 'मुझे लगता है कि लोगों के नागरिक अधिकार छीनने, मीडिया पर सेंसरशिप लगाने और प्रदर्शन करने का अधिकार छीनने के लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।'
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'मीडिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए'
कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार ने 25 जून 1975 में देश में आपातकाल लागू किया था, जो 21 मार्च 1977 तक लागू रहा था। पूर्व उपराष्ट्रपति ने बताया कि आपातकाल के दौरान देश में मीडिया पर भी कड़े प्रतिबंध थे और प्रेस काउंसिल एक्ट में भी संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि जब देश में आपातकाल लगा तो वे छात्रसंघ के अध्यक्ष थे। नायडू ने बताया कि छात्रों को संबोधित करने के लिए जयप्रकाश नारायण को आमंत्रित किया था, जिस पर सरकार ने उन्हें मेंटिनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा कानून) के तहत गिरफ्तार कर लिया था। नायडू के अनुसार, उन्हें पहले ही पता चल गया था कि वे गिरफ्तार हो सकते हैं तो वे भूमिगत हो गए थे और करीब ढाई महीने तक बचते रहे थे। आखिरकार सितंबर 1975 में वे गिरफ्तार हुए और उन्हें विशाखापत्तनम के केंद्रीय कारागार में कैद रखा गया और बाद में हैदराबाद जेल भेज दिया गया। 
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वेंकैया नायडू ने बताया कि वे 17 महीने 25 दिनों तक जेल में बंद रहे, लेकिन जेल में उनकी मुलाकात कई अहम नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों से हुई। उन्होंने ये भी कहा कि दक्षिण के मुकाबले उत्तर में आपातकाल के दौरान ज्यादा कठोरता की गई। गौरतलब है कि आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय ने 25 जून से शुरू होकर एक साल तक स्मरणोत्सव मनाने की योजना बनाई है, और इन कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ गतिविधियों की सूची तैयार की है।

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