फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress says The center government is spoiling the judicial system

अपने लोगों को घुसेड़कर न्याय व्यवस्था खराब कर रही है केन्द्र सरकार: कांग्रेस

Fri, 27 Apr 2018 05:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Apr 2018 05:03 AM IST
विज्ञापन
Congress says The center government is spoiling the judicial system
kapil sibal - फोटो : सोशल मीडिया
केन्द्र सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच में न्याय व्यवस्था को लेकर लगातार टकराव बढ़ता जा रहा है। देश के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस खारिज होने के बाद भी कांग्रेस पार्टी न्याय व्यवस्था पर मंडरा रहे खतरे को लेकर केन्द्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। ताजा मामला उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश न बनाये जाने का है। केन्द्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम की जस्टिस जोसेफ के नाम की सिफारिश पर  दोबारा विचार करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने इसे देश की स्वतंत्र न्याय व्यस्वथा में केन्द्र सरकार की दखलंदाजी करार दिया है। सिब्बल का आरोप है कि केन्द्र सरकार जस्टिस जोसेफ के नाम को राजनीतिक बदले की भावना के चलते वापस भेजा है। जस्टिस जोसेफ उत्तराखंड हाईकोट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्होंने 2016 में उत्तराखंड की तत्कालीन हरीश रावत सरकार को बर्खास्त करके वहां राष्ट्रपति शासन लगाने के मामले की सुनवाई की थी और फैसले में राष्ट्रपति शासन के निर्णय को खारिज कर दिया था। सिब्बल का कहना है कि उच्चतम न्यायालय का कोलेजियम स्वतंत्र ईकाई है। 
विज्ञापन


जजों के नियुक्ति के मामले में स्वतंत्र बॉडी है और सरकार द्वारा उसकी राय पर अमल न करना न्याय पालिका में हस्तक्षेप है।  कपिल सिब्बल का कहना है कि कांग्रेस काफी पहले से ऐसा कहती आ रही है कि केन्द्र सरकार न्यायपालिका में दखल देकर उसकी गरिमा को चोट पहुंचा रही है। सरकार की मंशा अपने लोगों को न्यायपालिका में प्रवेश कराकर उसकी स्वतंत्रता तथा लोगों के न्यायपालिका के प्रति विश्वास को कमजोर करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


न्यायपालिका का राजनीतिक इस्तेमाल

कपिल सिब्बल का यह आरोप काफी बड़ा है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा राजनीतिक हथकंडे के रूप में न्यायपालिका इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां तक कि जनहित याचिकाओं को भी इसी मकसद से दायर किया जा रहा है। कपिल सिब्बल ने प्रेसवार्ता के दौरान एक आडियो क्लिप सुनाई और कहा कि सीबीआई के विशेष जज जस्टिस बीएच लोया की मृत्यु के मामले में जानबूझ कर जनहित याचिका दायर कराई गई।


यह याचिका संघ के सर कार्यवाह भैय्या जी जोशी के ईशारे पर ललित लोलगे नाम के शख्स ने दायर की थी। सिब्बल के अनुसार यह जनहित याचिका फिक्स थी और इसका मकसद जस्टिस लोया की मौत के मामले को सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय में लाना था। ताकि इस मामले को आसानी से रफा-दफा किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed