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पहले डराना और फिर 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' की बैठक में बुलाना, कांग्रेस को समझ आ गई भाजपा की यह चाल
Wed, 19 Jun 2019 10:13 PM IST
अमर शर्मा
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 19 Jun 2019 10:13 PM IST
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कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद गौरव गोगोई
- फोटो : PTI
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कांग्रेस पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के मुद्दे पर बुलाई गई राजनीतिक पार्टी के अध्यक्षों की बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके पीछे कई वजह रही, लेकिन जो सबसे बड़ा कारण बना, वह गुजरात से राज्यसभा की दो सीटों का चुनाव रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने जानबूझ कर दोनों सीटों का चुनाव अलग-अलग कराने का गेम प्लान तैयार किया है। यह पूरी तरह गलत है। भाजपा ने ऐसा कर विपक्ष को डराने का काम किया है। भाजपा पहले डराती है और फिर 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' पर बातचीत करने का न्यौता भिजवाती है। ऐसा नहीं चलेगा, कांग्रेस संख्या में कम है, मगर मोदी का डटकर मुकाबला करेगी।
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सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस
बुधवार को एआईसीसी दफ्तर में हुई एक प्रेसवार्ता में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने साफतौर पर कहा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक में नहीं जाने का खेद प्रकट कर दिया है। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव सुधार प्रक्रिया का विरोध कर रही है। पार्टी चाहती है कि देश में चुनाव सुधार प्रक्रिया आगे बढ़े, लेकिन किसी की मनमर्जी पर नहीं। भाजपा एक तरफ 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' पर बातचीत करती है तो दूसरी ओर, गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों का चुनाव एक साथ न कराकर अपनी मनमानी का संदेश भी दे रही है। इससे भाजपा की गलत मंशा का अंदाजा लगाया जा सकता है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
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मुद्दे से ध्यान भटका रही है भाजपा
गौरव गोगोई बताते हैं, ऐसे में हम भाजपा पर भरोसा कैसे कर सकते हैं। पीएम मोदी केवल अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। वे विपक्ष की हर बात को नजरअंदाज करते हैं। अगर 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के मसले पर मोदी संसद में चर्चा कराते हैं तो कांग्रेस उसमें भाग लेने के लिए तैयार है। राज्यसभा का अलग-अलग चुनाव, लोकसभा का चुनाव सात चरणों में कराना, दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की बजाए केवल 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' की रट लगाना, इससे साबित होता है कि पीएम मोदी किसी मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' को केवल ध्यान भटकाने की एक प्रक्रिया बना दिया है। गोगोई ने इतना भी कह दिया कि भाजपा को गुजरात में ऐसा नहीं करना चाहिए था। उनका इशारा था कि मोदी सरकार गुजरात की दोनों राज्यसभा सीटों पर अगर चक्रव्यूह नहीं रचती तो कांग्रेस पार्टी चुनाव सुधार की इस बैठक में भाग ले सकती थी।
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'क्या कांग्रेस को डराना चाहती है भाजपा'
बिहार में दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चे
- फोटो : ANI
सदन में लगे नारों में न देश भक्ति, न राम भक्ति, क्या इसके पीछे विपक्ष को डराने की मंशा थी: कांग्रेस
संसद में लोकसभा सदस्यों के शपथ ग्रहण के दौरान लगे नारों पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा, इनमें न देशभक्ति नजर आई और न ही राम भक्ति। क्या ये नारे विपक्ष को डराने की मंशा से लगाए जा रहे थे। अगर भाजपा को यह लगता है कि कांग्रेस पार्टी इन नारों से डर जाएगी तो यह उनकी गलतफहमी है। कांग्रेस पार्टी जनता के मुद्दे लगातार उठाते रहेगी। संसद में डटकर मुकाबला किया जाएगा।बिहार में मारे गए बच्चों को लेकर संसद में मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस
सांसद गोगोई का कहना था कि बिहार में दिमागी बुखार (चमरी बुखार) से मारे जा रहे बच्चों का मुद्दा सदन में उठाया जाएगा। इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार की सीधी लापरवाही सामने आई है। एक तरफ बच्चे मर रहे थे तो दूसरी ओर केंद्र के मंत्री क्रिकेट पर बात कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री चाहे हर्षवर्धन हों या कोई और, किसी ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया।आईसीयू में बैड की संख्या बढ़ाने की बात पांच साल पहले भी की गई थी और आज भी की जा रही है, लेकिन परिणाम शून्य। यह बीमारी केवल बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिलती है। इसके बाद भी केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की नींद नहीं टूट रही। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर सदन में मोदी सरकार से जवाब मांगेगी।