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कांग्रेस ने की रेल मंत्री पीयूष गोयल को हटाने की मांग, निजी फर्म से संबंध का आरोप
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 04 Apr 2018 10:06 PM IST
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पीयूष गोयल (फाइल फोटो)
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कांग्रेस ने केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल पर एक निजी फर्म शिरडी इंडस्ट्रीज के साथ कथित तौर पर संबंध रखने के कारण अनुचित व्यवहार और हितों के टकराव का आरोप लगाया है। साथ ही उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है।
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कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज से कराई जाए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, वीरप्पा मोइली और पवन खेड़ा ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
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पीयूष गोयल के खिलाफ कांग्रेस ने राज्यसभा के सभापति को नोटिस भी दिया है। पार्टी ने नोटिस की एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजी है। कांग्रेस ने नियम 238ए के तहत उस खबर का हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि 2010-11 में गोयल जिस कंपनी के चेयरमैन थे उसने बैंक से करोड़ों रुपये लिए थे और डिफाल्ट हो गई थी। आरोप है कि इसी अवधि में कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाले बैंकों के गठजोड़ से 258.62 करोड़ रूपये का कर्ज लिया था।
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कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली और पवन खेड़ा ने मीडिया से कहा कि जो कागजात सार्वजनिक हुए हैं, उसके आधार पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। एक ओर सरकार भ्रष्टाचार और एनपीए की बात करती है जबकि सरकारी और निजी बैंकों को करोड़ों के लोन लेने चूना लगाने वाले देश छोड़कर जा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस दौरान गोयल की कंपनी शिरडी इंडस्ट्रीज डिफाल्ट घोषित हुई उसी दौरान उनकी पत्नी को असुरक्षित लोन दिया गया। वहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कहा कि मोदी सरकार के केंद्र में आने के बाद 651.87 करोड़ रुपये के बकाया ऋण में से 65 प्रतिशत को बैंकों के गठजोड़ ने किसी आपत्ति के बिना, चौंकाने वाले ढंग से माफ कर दिया है।