{"_id":"5d52d3b88ebc3e6d1a13f78e","slug":"congress-requested-government-to-start-political-dialogue-on-jammu-and-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ने सरकार से जम्मू कश्मीर पर राजनीतिक संवाद शुरू करने का अनुरोध किया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कांग्रेस ने सरकार से जम्मू कश्मीर पर राजनीतिक संवाद शुरू करने का अनुरोध किया
Tue, 13 Aug 2019 08:44 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 13 Aug 2019 08:44 PM IST
विज्ञापन
आनंद शर्मा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में व्याप्त स्थिति को लेकर मंगलवार को चिंता जाहिर की। पार्टी ने सरकार से इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को विश्वास में लेकर राजनीतिक संवाद शुरू करने तथा उन्हें इस राज्य में जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया।
पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि विपक्षी नेताओं को जम्मू कश्मीर की यात्रा करने और वहां के लोगों से बात करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने घाटी में नजरबंद सभी नेताओं को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की ताकि वे अपनी राय रख सकें।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "चूंकि सरकार ने प्रतिबंध लगाए हैं और यह एक तरफा निर्णय लिया है, इसलिए हम सरकार से राजनीतिक संवाद शुरू करने और सभी विपक्षी दलों के नेताओं को विश्वास में लेने का आग्रह करते हैं।"
विज्ञापन
शर्मा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को मिलने वाला विशेष दर्जा वापस लिए जाने संबंधी सरकार के फैसले के बाद जम्मू कश्मीर के लिए चिंताएं हैं क्योंकि वहां पूर्ण बंद है, समाचारों पर प्रतिबंध है और पूरा संचार नेटवर्क बंद है।"
उन्होंने कहा, "किसी भी राजनीतिक नेता को राज्यपाल के अतिथि सत्कार की आवश्यकता नहीं है। हम मांग करते है कि विपक्षी नेताओं को स्वतंत्र रूप से जम्मू कश्मीर की यात्रा करने की अनुमति दी जाए ताकि देश और दुनिया को पता चल सके कि क्या वहां सब ठीक है या कोई चिंता की बात है।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) से और नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से गठबंधन किया था और यही कारण है कि उन्होंने इन्हें भारतीय राजनीतिक दलों के रूप में मान्यता दी, जो संविधान का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा, "यदि सरकार इन कदमों को उठाती है तो अच्छा होगा। फैसले को नौ दिन हो चुके हैं।"
विज्ञापन
पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि विपक्षी नेताओं को जम्मू कश्मीर की यात्रा करने और वहां के लोगों से बात करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने घाटी में नजरबंद सभी नेताओं को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की ताकि वे अपनी राय रख सकें।
विज्ञापन
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "चूंकि सरकार ने प्रतिबंध लगाए हैं और यह एक तरफा निर्णय लिया है, इसलिए हम सरकार से राजनीतिक संवाद शुरू करने और सभी विपक्षी दलों के नेताओं को विश्वास में लेने का आग्रह करते हैं।"
विज्ञापन
शर्मा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राज्य को मिलने वाला विशेष दर्जा वापस लिए जाने संबंधी सरकार के फैसले के बाद जम्मू कश्मीर के लिए चिंताएं हैं क्योंकि वहां पूर्ण बंद है, समाचारों पर प्रतिबंध है और पूरा संचार नेटवर्क बंद है।"
उन्होंने कहा, "किसी भी राजनीतिक नेता को राज्यपाल के अतिथि सत्कार की आवश्यकता नहीं है। हम मांग करते है कि विपक्षी नेताओं को स्वतंत्र रूप से जम्मू कश्मीर की यात्रा करने की अनुमति दी जाए ताकि देश और दुनिया को पता चल सके कि क्या वहां सब ठीक है या कोई चिंता की बात है।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) से और नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से गठबंधन किया था और यही कारण है कि उन्होंने इन्हें भारतीय राजनीतिक दलों के रूप में मान्यता दी, जो संविधान का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा, "यदि सरकार इन कदमों को उठाती है तो अच्छा होगा। फैसले को नौ दिन हो चुके हैं।"