राफेल सौदे पर बोले राहुल, ‘मिस्टर 56’ के सामने हिम्मत से खड़े पत्रकारों पर मुझे गर्व
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राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर कांग्रेस सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर लगातार हमलावर बनी हुई है। इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को एक बार फिर भाजपा के नेताओं पर बड़ा आरोप लगाया है।
उन्होंने दावा किया कि ‘राफेल घोटाले’ की खबर करने वाले पत्रकारों को धमकी दी जा रही है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा, ‘सर्वोच्च नेता के चापलूस राफेल घोटाले की खबर कर रहे पत्रकारों को धमकी भरे संदेश भेज रहे हैं और उनसे कह रहे हैं कि पीछे हटो या फिर....।’ राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘कुछ बहादुर पत्रकारों पर मुझे गर्व है जिनमें सच्चाई का बचाव करने और मिस्टर 56 के सामने खड़े होने की हिम्मत है।’
Supreme leader's minions are now sending threatening messages to journalists reporting on the #RafaleScam asking them to "back off or else...”.
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I'm really proud of the few brave press people who still have the guts to defend the truth and stand up to Mr 56. — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 30, 2018
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल विमान सौदे में कथित अनियमितता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि 36 विमानों के रखरखाव के लिए अगले 50 वर्षों में देश के करदाताओं को एक निजी भारतीय समूह के संयुक्त उपक्रम को एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।
उ्न्होंने पीएम मोदी पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए ट्वीट कर कहा था, "अगले 50 वर्षों में भारतीय करदाताओं को मिस्टर 56 के मित्र के संयुक्त उपक्रम को 36 राफेल विमानों के रखरखाव के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।"
Over the next 50 years, Indian Tax Payers will pay Mr 56’s friend’s JV, 100,000 Cr to maintain 36 #RafaleScam jets, India is buying🤭
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 28, 2018
Raksha Mantri will address a Press CON to deny this, as usual🤥
But the truth is in the presentation I’m attaching😊 pic.twitter.com/a90XNet7dU
बता दें कि इस मामले पर कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र से ही आक्रामक रुख अख्तियार किया हुआ है। साथ ही कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे रखा है। वहीं राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस राफेल लड़ाकू विमान सौदे को 2019 में प्रस्तावित आम चुनाव में मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
क्या है राफेल विमान?
राफेल विमान फ्रांस की डेसाल्ट कंपनी द्वारा बनाया गया 2 इंजन वाला लड़ाकू विमान है। राफेल लड़ाकू विमानों को ओमनिरोल विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध के समय अहम रोल निभाने में सक्षम हैं। हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध ये सारी राफेल विमान की खूबियां हैं।
राफेल को ही क्यों चुना?
वित्तीय कारणों के चलते भारतीय वायु सेना ने लंबे टेस्ट के बाद राफेल को चुना। दरअसल राफेल विमान भारत सरकार के लिए एकमात्र विकल्प नहीं था। इस डील के लिए कई अंतरराष्ट्रीय विमान निर्माताओं ने भारतीय वायुसेना से पेशकश की थी। इनमें से छह बड़ी विमान कंपनियों को चुना गया। इनमें लॉकहेड मार्टिन का एफ-16, बोइंग एफ/ए -18 एस, यूरोफाइटर टाइफून, रूस का मिग -35, स्वीडन की साब की ग्रिपेन और राफेल शामिल थे। भारतीय वायुसेना ने विमानों के परीक्षण और उनकी कीमत के आधार पर राफेल और यूरोफाइटर को शॉर्टलिस्ट किया। यूरोफाइटर टायफून काफी महंगा है। इस कारण भी डलास से 126 राफेल विमानों को खरीदने का फैसला किया गया।