Congress Political Crisis: कहीं ऐसा न हो कि आखिर में पवन बंसल वाला पर्चा कोई गुल खिला दे!
Congress Political Crisis: पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पवन बंसल ने अध्यक्ष पद के लिए यह पर्चा पार्टी के कद्दावर नेता के कहने पर लिया है। क्योंकि पर्चा लेने वाला या तो खुद प्रत्याशी होता है या प्रत्याशी का समर्थक या प्रस्तावक...
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सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि आखिर कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का पर्चा किसके लिए लिया है। राजनीतिक गलियारों में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है कहीं ऐसा ना हो कि आखिर में पवन बंसल का लिया गया पर्चा कोई बड़ा गुल खिला दे।
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से स्पष्ट पत्ते नहीं खोले गए हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा दिग्विजय सिंह को पार्टी आलाकमान की तरफ से प्रत्याशी बनाए जाने की चल रही है। लेकिन अभी तक अशोक गहलोत की तरह पार्टी ने खुलकर दिग्विजय सिंह की पैरवी नहीं की है। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरने का वक्त बिल्कुल नजदीक आ चुका है। ऐसे में चर्चाएं हो रहीं हैं कि आखिर पार्टी के चुनिंदा नेताओं की ओर से आधिकारिक अध्यक्ष पद का प्रत्याशी कौन है? पार्टी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि फिलहाल अभी तक तो आलाकमान ने भी बहुत कुछ स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में चर्चा सबसे ज्यादा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल द्वारा लिए गए पर्चे की हो रही है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं ऐसा तो नहीं कि 30 सितंबर की देर शाम तक पवन बंसल की ओर से लिया गया नामांकन पत्र कोई बहुत बड़ा गुल खिला दे।
किसी कद्दावर नेता का है ये पर्चा
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पवन बंसल ने अध्यक्ष पद के लिए यह पर्चा पार्टी के कद्दावर नेता के कहने पर लिया है। क्योंकि पर्चा लेने वाला या तो खुद प्रत्याशी होता है या प्रत्याशी का समर्थक या प्रस्तावक। पवन बंसल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जो पर्चा लिया है वह बतौर प्रस्तावक ही लिया है। सूत्रों का कहना है कि यही सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पवन बंसल ने यह पर्चा किसके लिए लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है इस बात की हो रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि अंतिम समय में आलाकमान किसी प्रत्याशी को बदले, तो कोई एक और ही नया प्रत्याशी सबके सामने आ जाए। और वह पवन बंसल के प्रस्तावक वाले पर्चे पर अपना नामांकन कर दे। क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पवन बंसल ने किसके लिए यह पर्चा लिया है। इसलिए कयास के तौर पर गांधी परिवार के लोगों का भी नाम चर्चा में चल रहा है। हालांकि कांग्रेस पार्टी की ओर से किसी नाम की अभी तक कोई भी पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके राजनैतिक गलियारों में तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
पार्टी आलाकमान संभल कर रख रहा है कदम
राजनीतिक विश्लेषक एसएन तोमर कहते हैं कि जब संगठन का चुनाव बहुत चर्चा में आ जाता है, तो किसी भी तरीके की पर्चा भरने में हुई चूक से बचने के लिए ऐसा किया जाता है। वह कहते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पवन बंसल ने जो पर्चा लिया है, वह संभवतया इसी वजह से लिया गया होगा। हालंकि तोमर कहते हैं कि राजनीति में संभावनाओं को नकारा नहीं जाता है। इसलिए पवन बंसल की ओर से लिया गया पर्चा आखिर किसके काम आएगा, इस इस पर फिलहाल कयास ही लग ही रहे हैं। चर्चा इस बात की तो हो रही है कि पवन बंसल की ओर से लिया गया पर्चा कहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए तो नहीं लिया गया है। पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता कहते हैं कि जिस तरीके से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया से पहले जो नाटकीय घटनाक्रम हुआ है, उससे पार्टी आलाकमान सब कुछ सेफ साइड में रख कर चुनाव की तैयारियां कर रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी की पहली पसंद निश्चित तौर पर अशोक गहलोत ही थे। लेकिन गहलोत विवाद के बाद अभी तक पार्टी कोई ठोस और मजबूत प्रत्याशी को सामने नहीं ला सकी है। ऐसे में पवन बंसल के पर्चे की चर्चा तो होगी ही।
कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने अमर उजाला डॉट कॉम से बताया कि उन्होंने रिजर्व में पर्चे लिए हैं। बंसल जब यह पूछा गया कि क्या अध्यक्ष पद का पर्चा आपने खुद भरने के लिए लिया है या बतौर प्रस्तावक तो पवन बंसल ने कहा कि यह पर्चा उन्होंने खुद के लिए नहीं लिया है। हालांकि पवन बंसल इस बात का गोलमोल जवाब ही देते रहे कि क्या यह पर्चा किसी पार्टी के कद्दावर नेता के कहने पर लिया गया है। पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता कहते हैं कि अभी तो गुरुवार और शुक्रवार का पूरा दिन बाकी है। कांग्रेस में कितने पर्चे भरे जाएंगे, इस बात की जानकारी किसी को नहीं है। चर्चा में तो कई नाम हैं।