{"_id":"6504ac7b0c114118260d71b3","slug":"congress-mp-gaurav-gogoi-demands-assam-cm-himanta-biswa-sarma-resignation-over-alleged-land-scam-2023-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Assam: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम के सीएम पर लगाया भूमि घोटाले का आरोप, मांगा इस्तीफा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Assam: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम के सीएम पर लगाया भूमि घोटाले का आरोप, मांगा इस्तीफा
Sat, 16 Sep 2023 12:42 AM IST
गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 16 Sep 2023 12:42 AM IST
सार
असम में सरकारी अनुदान के आवंटन और भूमि अधिग्रहण के विवाद पर शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री सरमा पर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपनी शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई
- फोटो : PTI
विस्तार
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर भूमि घोटाले का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की। असम में सरकारी अनुदान के आवंटन और भूमि अधिग्रहण के विवाद पर शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सांसद ने मुख्यमंत्री के परिवार के स्वामित्व वाले एक मीडिया हाउस द्वारा एक बड़े कृषि भूमि के अधिग्रहण, थोड़े समय के भीतर औद्योगिक संपत्ति में रूपांतरण की व्यापक जांच की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री सरमा पर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपनी शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन
विवाद प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां के स्वामित्व वाली कंपनी एम/एस प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट को सरकारी अनुदान में 10 करोड़ रुपए की मंजूरी पर केंद्रित है। गोगोई ने इस आवंटन के बारे में गंभीर नैतिक सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी अनुदान स्थानीय उद्यमियों और समर्थन की आवश्यकता वाले किसानों को मिलना चाहिए। गोगोई ने इन लेनदेन की गति और प्रकृति के बारे में चिंता व्यक्त की और पारदर्शिता बनाए रखने और नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए गहन जांच की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री से असम राज्य सरकार से अनुदान और सब्सिडी के रूप में एम/एस प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट द्वारा अब तक प्राप्त धन का खुलासा करने की भी मांग की है।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों के अनुदानों के लिए समान नैतिक मानकों को लागू करने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि अगर केंद्र सरकार से अनुदान के रूप में धन स्वीकार करना अनैतिक माना जाता है, तो राज्य सरकार से आरोपी कंपनी को दिए जाने वाले अनुदान के साथ भी उसी तरह व्यवहार किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
गोगोई ने महंगाई का सामना कर रही असम की जनता की चिंताओं को भी उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए अधिक जीएसटी, महंगे गैस सिलेंडर और टोल टैक्स का बोझ जनता पर नहीं डाला जाना चाहिए।
मानहानि की कार्यवाही को लेकर गोगोई ने कहा कि वह किसी भी कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि घोटाले में शामिल कंपनी को भूमि और बैंक रिकॉर्ड सहित सभी उचित दस्तावेज अदालत में पेश करने होंगे। उनका मानना है कि इससे सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
सीएम की पत्नी पर आरोपों को लेकर विधानसभा में हंगामा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी से जुड़े विवाद पर शुक्रवार को एक बार फिर राज्य विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। दरअसल, विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री की पत्नी से जुड़ी एक कंपनी को सरकारी सब्सिडी मिलने के आरोप पर चर्चा की मांग कर रहे थे। विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई। कांग्रेस सदस्य कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने सबसे पहले प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री जोगेन मोहन से पूछा था कि क्या रिनिकी भुइयां सरकार को कलियाबोर क्षेत्र में राज्य सरकार की वसुंधरा योजना के तहत जमीन आवंटित की गई थी।
उन्होंने पूछा कि भूमि आवंटित करने के लिए कौन से दस्तावेज जमा कराए गए थे जिससे संबंधित कंपनी को कथित तौर पर केंद्रीय सब्सिडी मिली। विधानसभा अध्यक्ष बिश्वजीत दैमारी ने कहा कि मामला पुरकायस्थ की तरफ से सूचीबद्ध कराए गए मूल प्रश्न से संबंधित नहीं है। हालांकि, पुरकायस्थ अपने सवाल पर अड़े रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री सदन में नहीं थे लेकिन कई अन्य मंत्रियों और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। हंगामे के कारण दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।