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अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा: ‘PM मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं’, लोकसभा में बोले कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई

Tue, 08 Aug 2023 12:42 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 08 Aug 2023 12:42 PM IST
सार

गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हैं। यह कभी भी संख्या के बारे में नहीं था बल्कि मणिपुर के लिए न्याय के बारे में था।

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Congress MP Gaurav Gogoi and congress leaders opens discussion on No Confidence Motion in Lok Sabha
गौरव गोगोई - फोटो : एएनआई

विस्तार

मोदी सरकार मंगलवार यानी आज अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। इस दौरान संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बहस शुरू की। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ पीएम मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं। 

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गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हैं। यह कभी भी संख्या के बारे में नहीं था बल्कि मणिपुर के लिए न्याय के बारे में था। उन्होंने कहा कि मैं प्रस्ताव पेश करता हूं कि यह सदन सरकार में अविश्वास व्यक्त करता है। I.N.D.I.A. मणिपुर के लिए यह प्रस्ताव लाया है। मणिपुर न्याय चाहता है। अगर मणिपुर जल रहा है, तो भारत जल रहा है। इसलिए आज हम सिर्फ मणिपुर की नहीं, पूरे भारत की बात कर रहे हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि हम सिर्फ पीएम मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने संसद में न बोलने का मौन व्रत ले लिया है। इसलिए उनकी चुप्पी तोड़ने के लिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारे पास उनके लिए तीन सवाल हैं।
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1. वे आज तक मणिपुर क्यों नहीं गए?
2. आखिरकार मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लग गए और जब वे बोले तो सिर्फ 30 सेकंड के लिए?
3. मुख्यमंत्री ने अब तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया?

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्वीकार करना होगा कि उनकी डबल इंजन सरकार मणिपुर में विफल हो गई है। इसलिए, मणिपुर में 150 लोगों की मृत्यु हुई, लगभग 5000 घर जला दिए गए, लगभग 60,000 लोग राहत शिविरों में हैं और लगभग 6500 FIR दर्ज की गई हैं। राज्य के सीएम, जिन्हें बातचीत से शांति और सद्भाव का माहौल बनाना चाहिए था, उन्होंने पिछले 2-3 दिनों में भड़काऊ कदम उठाए हैं। इससे समाज में तनाव पैदा हो गया है।

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