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कर्नाटक में सियासी हड़कंप: ढाई साल बाद राज्य में बदलेगा सीएम! शिवकुमार ने चेताया, जानें सिद्धारमैया क्या बोले
Sat, 28 Oct 2023 07:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 28 Oct 2023 07:11 PM IST
सार
इस साल 20 मई को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि उस दौरान डीके शिवकुमार को लेकर दावा किया जा रहा था कि वे सीएम बन सकते हैं। हालांकि बाद में दोनों में सहमति बनी और सिद्धारमैया ने शपथ ली थी। वहीं, उस समय ऐसी भी खबरें आई थीं कि कांग्रेस आलाकमान ने दोनों के बीच रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले के आधार पर एक समझौता कराया है।
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डीके शिवकुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्नाटक में सीएम पद को लेकर इन दिनों चर्चाएं तेज हैं। दरअसल, कांग्रेस के मांड्या से विधायक रविकुमार गौड़ा ने दावा किया है कि मौजूदा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के बाद उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। इसके बाद से राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के हलकों में खलबली मच गई है। इसके साथ ही शुक्रवार रात गृह मंत्री जी परमेश्वर के घर पर हुई एक बैठक ने भी इन अटकलों को हवा दे दी है।
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कांग्रेस नेताओं में मचा घमासान
कांग्रेस विधायक के सीएम बदलने वाले बयान से कर्नाटक में हड़कंप मचा हुआ है। उनके बयान के बाद पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि सिद्धारमैया अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। वहीं, कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि सीएम पद को लेकर कोई भी निर्णय लेना आलाकमान का काम है।
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जी परमेश्वर के आवास पर हुई बैठक ने दी अटकलों को हवा
इसके अलावा, शुक्रवार रात गृह मंत्री जी परमेश्वर के आवास पर एक रात्रिभोज बैठक ने भी राज्य में ढाईं साल बाद सीएम बदलने की अटकलों को हवा दे दी है। दरअसल, इस बैठक में सीएम सिद्धारमैया, समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा और पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीह जराकीहोली शामिल हुए थे। वहीं, राज्य के डिप्टी सीएम शिवकुमार इस रात्रिभोज बैठक से नदारद थे। जिसके बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं हैं।
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सिद्धारमैया के करीबी महादेवप्पा ने किया अटकलों को खारिज
वहीं, इन अटकलों को सिद्धारमैया के करीबी महादेवप्पा ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इन अटकलों में कोई तथ्य नहीं है। सिद्धारमैया पांच साल तक सीएम रहेंगे। इस दौरान जब डिनर मीटिंग को लेकर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हम डिनर के लिए गए थे, इसमें कुछ खास नहीं था। मिलने और खाना खाने के अलावा यह कुछ और नहीं था। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि शिवकुमार बैठक में क्यों मौजूद नहीं थे? इस पर महादेवप्पा ने कहा कि 'मुझे इसके बारे में नहीं पता। डॉ. (परमेश्वर) ने रात के खाने के लिए बुलाया था, हमने खाना खाया। बस इतना ही।'
सिद्धारमैया ने जताई नाराजगी
वहीं, रात्रिभोज बैठक के संबंध में सिद्धारमैया ने कहा, 'परमेश्वर ने उन्हें महादेवप्पा और सतीश जारकीहोली के साथ रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने सामान्य रूप से बातचीत की। इसमें कोई राजनीति नहीं है। आप इसमें 'मसाला' क्यों जोड़ रहे हैं? मीडिया इसमें अलग-अलग रंग जोड़ रहा है और अटकलें लगा रहा है।'
शिवकुमार का यह है रुख
इन सब अटकलों के बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने पार्टी विधायकों से पार्टी के आंतरिक मामलों या प्रशासन से संबंधित मामलों पर कोई भी खुला बयान नहीं देने का आग्रह किया। उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा कि यह आखिरी चेतावनी और अनुरोध दोनों है। अगर भविष्य में ऐसे बयान दिए गए तो मेरे लिए नोटिस जारी करना अपरिहार्य होगा।
किसने क्या कहा?
वहीं, गृहमंत्री परमेश्वर ने अटकलों पर कहा कि मुझे नहीं पता, कोई न कोई किसी न किसी बात पर चर्चा करता रहेगा। रात्रिभोज बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि वे सामान्य तौर पर भोजन के लिए मिले थे। वहीं, सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने कहा कि उनकी इच्छा है कि सिद्धारमैया पांच साल के लिए वहां रहें, लेकिन आखिरकार इस पर फैसला आलाकमान को करना है।
कृषि मंत्री एन चेलुवरैयास्वामी ने कहा कि एक विधायक दल है। एआईसीसी आलाकमान है और वे उचित समय पर चीजों पर फैसला करेंगे। सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कोई मतभेद नहीं है और वे जनता के हित में अपना काम गंभीरता से कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी में 50 से ज्यादा लोग हैं जो सीएम बनने की क्षमता रखते हैं। जब उनका समय आएगा तो वे बन जाएंगे। अभी पद खाली नहीं है।
बता दें कि इस साल 20 मई को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि उस दौरान डीके शिवकुमार को लेकर दावा किया जा रहा था कि वे सीएम बन सकते हैं। हालांकि बाद में दोनों में सहमति बनी और सिद्धारमैया ने शपथ ली थी। वहीं, उस समय ऐसी भी खबरें आई थीं कि कांग्रेस आलाकमान ने दोनों के बीच रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले के आधार पर एक समझौता कराया है। इसके अनुसार शिवकुमार ढाई साल बाद सीएम बनेंगे। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जिसके बाद कई बार यह दावे किये जाते रहे हैं कि ढाई साल बाद शिवकुमार राज्य के सीएम बनेंगे।