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तैयारी: गुलाम नबी आजाद के लिए कांग्रेस खोल सकती है राज्यसभा के दरवाजे

Sat, 03 Jul 2021 02:39 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 03 Jul 2021 02:39 AM IST
सार

  • तमिलनाडु में द्रमुक एक सीट कांग्रेस को देने को तैयार
  • आजाद को लेकर नरम हुआ है नेतृत्व का रुख

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congress may open doors of rajysabha for Ghulam Nabi Azad
गुलाम नबी आजाद - फोटो : पीटीआई

विस्तार

वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे गुलाम नबी आजाद के लिए कांग्रेस फिर से राज्यसभा के दरवाजे खोल सकती है। तमिलनाडु से खाली हो रही तीन सीटों में से द्रमुक एक सीट कांग्रेस को देने के लिए राजी हो गई है।

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पार्टी के असंतुष्ट समूह-23 की अगुवाई करने वाले आजाद और नेतृत्व के बीच रिश्तों में फिर मिठास घुलती दिख रही है। कांग्रेस नेतृत्व भी उनके नाम को लेकर अब नरम पड़ता जा रहा है।
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हालांकि, इस सीट के लिए एक पैनल कांग्रेस अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा, जिसमें दो अन्य नाम भी होंगे। इस सिलसिले में राज्य के प्रभारी दिनेश गुंडुराव महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से भी मिले हैं। तमिलनाडु की तीन सीटों पर जल्द ही चुनाव होने हैं। चूंकि राज्य में कांग्रेस भी द्रमुक की सहयोगी पार्टी है, इसलिए उसने भी एक सीट की मांग रखी थी।
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कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले 25 विधानसभा और एक राज्य सीट पर दावा किया था। तमिलनाडु में कांग्रेस के 18 विधायक हैं। द्रमुक के सहयोग से ये सीट जीती जा सकती है। बताया जा रहा है कि नेताओं से आजाद के बेहतर रिश्ते रहे हैं, जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है।

इसी साल 15 फरवरी को आजाद ने राज्यसभा में अपना कार्यकाल पूरा किया था। आजाद बहुत लंबे समय से राज्यसभा में चुनकर आ रहे थे। उनके रिटायरमेंट पर 9 फरवरी को सदन में विदाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भावुक हो गए थे।

कोरोना काल में बढ़ीं नजदीकियां
कोरोना काल ने भले ही लोगों के बीच दूरियां बढ़ाई हैं, मगर कांग्रेस में नजदीकियां दिख रही हैं। कोरोना में लोगों की मदद के लिए कांग्रेस की ओर से बनी कमेटी की अगुवाई गुलाम नबी आजाद को सौंपी गई थी।


इस दौरान कमेटी की ओर से आजाद और सोनिया गांधी के बीच लगातार वर्चुअल संवाद जारी हैं। आजाद की ओर से भी लंबे समय से ऐसी कोई बयानबाजी नहीं हुई, जिससे असंतुष्ट नेताओं को बल मिलता। कश्मीर के मसले पर भी पार्टी उनकी अगुवाई पर विश्वास करती है।

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