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Maharashtra: चव्हाण बोले- नांदेड़ अस्पताल में 60 बच्चों के लिए महज तीन नर्स; राज ठाकरे को मिला इस नेता का साथ

Tue, 10 Oct 2023 10:14 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 10 Oct 2023 10:14 PM IST
सार

छोटे वाहनों को टोल टैक्स में छूट न देने को लेकर राज ठाकरे ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह सुनिश्चित नहीं करती है तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता टोल बूथों को आग लगा देंगे। अशोक चव्हाण ने अस्पतालों में मौतों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

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Congress leader supports Raj Thackeray over his demand for no toll from small cars in Maharashtra
राज ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : social media

विस्तार

छोटे वाहनों को टोल टैक्स में छूट न देने को लेकर राज ठाकरे ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार यह सुनिश्चित करने में विफल रही कि छोटे वाहनों को छूट दी जाए तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता टोल बूथों को आग लगा देंगे। राज ठाकरे ने सोमवार को आरोप लगाया था कि राज्य में टोल वसूली सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में कई पार्टियां सत्ता में आई लेकिन वे सभी अपने टोल फ्री वादे पर कायम नहीं रही। साफ समझ में आ रहा है, कई राजनेताओं के लिए ये टोल टैक्स आजीविका का साधन बन गया है। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने मंगलवार को राज ठाकरे का समर्थन किया। उन्होंने कहा, मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा उठाया गया रुख सही है। मैं उनके प्रस्तावित आंदोलन को अपना समर्थन देता हूं। हम यह भी जानना चाहेंगे कि टोल बूथों पर कितनी राशि एकत्र की गई है।
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चव्हाण बोले- नांदेड़ अस्पताल में 60 बच्चों के लिए महज तीन नर्स
महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के सरकारी अस्पताल की नवजात गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में 60 से अधिक शिशुओं को भर्ती कराया गया था, जहां कुछ दिन पहले 48 घंटों के दौरान 31 मरीजों की मौत हो गई थी। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण मंगलवार को सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि 60 बच्चों पर महज तीन नर्स है। जब मैंने सरकारी अस्पताल (नांदेड़ में) में घटना (एक ही दिन में 24 मरीजों की मौत और अगले 24 घंटों में 7 और मरीजों की मौत) के बाद (एनआईसीयू) वार्ड का दौरा किया, तो मैंने देखा कि एक वार्मर का इस्तेमाल तीन लोगों के इलाज के लिए किया जा रहा था। महज तीन नर्सें वार्ड में 60 से ज्यादा शिशुओं की देखभाल कर रही थीं। 
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साथ ही उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि अस्पताल में दवाओं की कमी थी और डॉक्टरों के पद भी खाली थे। हमने अपनी तरफ से अस्पताल को 40 से 50 नर्सें दी हैं। सरकार कहती है कि वे रिक्तियां भरेंगे। अस्पताल में हुई मौतों के बावजूद सूबे के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कह रहे थे कि अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है।
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