बीजेपी को मुस्लिम वोट न मिलने पर गरमाई राजनीति, मुस्लिमों की 'पवित्रता' पर सवाल
'बीजेपी को मुस्लिम वोट न मिलने और फिर भी उनका ख्याल रखे जाने' के बयान पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के खिलाफ राजनीतिक पलटवार शुरू हो गया है। कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद तीखा विरोध जताते हुए कहा कि मुझे इसके पीछे कोई वजह नजर नहीं आती कि क्यों कोई ये समझता है कि समाज का विशेष हिस्सा उन्हें वोट नहीं करता। उन्होंने आगे कहा कि हमें ये जानना चाहिए पार्टी को किसने वोट किया किसने नहीं? और वोट न मिलने का कारण जानना चाहिए।
I see no reason why someone should feel that a particular segment of society is unable to vote for them: Salman Khurshid,Cong on RS Prasad pic.twitter.com/PdRxidRzay
— ANI (@ANI_news) April 22, 2017विज्ञापन
इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। औवेसी का कहना है कि वो कौन होते हैं हमे पवित्रता और स्वतंत्रता देने वाले। हमें यह अधिकार दिया गया है कि किसे वोट देना है और संविधान इसकी रक्षा करता है ।
We gave them sanctity? Who are ‘We'?It is the constitution that has given rights, our rights are protected under that: A Owaisi on RS Prasad pic.twitter.com/SpMK5Wxiax
— ANI (@ANI_news) April 22, 2017
अपने दिए विवादित बयान पर सफाई देते हुए रविशंकर ने कहा, मैं देश की विविधता का सम्मान करता हूं। भारत में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सब विकास प्राथमिकता है और विकास को वोट बैंक के तराजू से नहीं तौलते हैं।
We don't measure the development of Indian citizens on the yardsticks of vote bank.
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) April 22, 2017
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते इसके बावजूद सरकार उनका ख्याल रखती है। उन्होंने कहा कि हमारे 13 मुख्यमंत्री हैं। हम देश पर शासन कर रहे हैं। क्या हमने उद्योग या सेवा में काम करने वाले किसी मुस्लिम को पीड़ित किया है? क्या हमने उन्हें खारिज कर दिया? हमें मुस्लिम वोट नहीं मिले।
उन्होंने आगे कहा, 'मैं स्पष्ट रूप से स्वीकार करता हूं, लेकिन क्या हमने उनका ख्याल रखा या नहीं? प्रसाद ने ये बातें मिडमाइन समिट में एक सवाल के जवाब में कहीं। उनसे विकास का संस्कृति और विविधता पर असर से संबंधित सवाल पूछा गया था।'