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कांग्रेस का हमला: प्रधानमंत्री मोदी से सीधी टक्कर ले रहे हैं राहुल गांधी, पढ़िये 'कोविड' को 'मोविड' बनाने के पीछे की कहानी

Sat, 29 May 2021 07:31 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 29 May 2021 07:31 PM IST
सार

राहुल गांधी ने साफतौर पर कह दिया, देश में कोरोना संक्रमण ने तबाही मचा रखी है। नदियों के किनारे लाशें मिल रही हैं। मरीजों को ऑक्सीजन-अस्पताल-दवा, कुछ भी तो समय पर नहीं मिला। प्रधानमंत्री के एक्शन ऐसे थे, जिससे कोविड कम होने की बजाए, बढ़ता चला गया। मैं कह रहा हूं कि मोदी ने कोविड को बढ़ाया है...

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Congress Leader Rahul Gandhi used new term Movid instead of Covid
पीएम मोदी की बंगाल रैली - फोटो : ANI (File)

विस्तार

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार निशाना साध रहे हैं। कभी प्रत्यक्ष तो अप्रत्यक्ष तरीके से। देश में जब कोरोना की दूसरी लहर कम हो रही है और पॉजिटिव केसों की संख्या भी गिरी है तो ऐसे में राहुल गांधी ने कह दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'कोरोना' की 'नेचर' नहीं मालूम। 'कोरोना' कहां-कहां भागता है, उसका पीछा करना बंद करो। वायरस को तो कोई अपने साथ ले जा रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लेकर कहा, पश्चिम बंगाल में चुनाव कराना, बिना मास्क उनका भाषण, लोगों में इसका क्या मैसेज गया होगा। दरअसल, प्रधानमंत्री वायरस को नहीं समझ रहे हैं। 'कोविड से मोविड' ये थ्योरी ऐसे ही नहीं बनी है। इसके पीछे बहुत सी वजह रही हैं।

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कोरोना की टेस्टिंग पर झूठ बोल रहे हैं पीएम: राहुल

हालांकि कोरोना की पहली लहर के बाद से ही राहुल गांधी, मोदी सरकार को आड़े हाथ ले रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को हुई अपनी प्रेसवार्ता में इतना तक कह दिया कि कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग के मामले में भी प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं। मौजूदा समय में ही अमेरिका के एक अखबार ने कोरोना से मरे लोगों की संख्या 40 लाख से ज्यादा बता दी है। इसके बाद विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। हालांकि राहुल गांधी ने उस लेख पर कुछ नहीं कहा। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने ट्वीट कर लिखा था, सकारात्मक सोच की झूठी तसल्ली स्वास्थ्य कर्मचारियों व उन परिवारों के साथ मजाक है, जिन्होंने अपनों को खोया है। वे लोग  ऑक्सीजन-अस्पताल-दवा की कमी झेल रहे हैं। रेत में सर डालना सकारात्मक नहीं, यह देशवासियों के साथ धोखा है। राहुल का यह बयान भाजपा को बड़ी चुभन दे गया था। अब उन्होंने कह दिया, केंद्र सरकार अपना झूठ फैलाने के लिए मीडिया, ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के माध्यमों पर दबाव डाल रही है।

राहुल के सामने 'करो या मरो' वाली स्थिति है: डॉ. आनंद कुमार

राजनीति के जानकार, जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार कहते हैं, राहुल गांधी के सामने भी तो 'करो या मरो' वाली स्थिति है। उन्हें लोगों के सामने अपनी प्रभावी भूमिका रखनी है, विपक्ष को भरोसा दिलाना है कि राहुल गांधी, भाजपा और पीएम मोदी को टक्कर दे सकते हैं। भाजपा, जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बता रही है, उसने तो 2029 तक की सत्ता की सीढ़ी तैयार करने का दावा किया है। ऐसे में अगर राहुल गांधी अब कुछ नहीं करेंगे तो आगे उन्हें मौका नहीं मिलेगा। यही वजह है कि वे अब मोदी सरकार की हर छोटी बड़ी बात पर पैनी नजर रख रहे हैं। जहां भी मौका मिलता है, वे सरकार को घेरने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कितनी आसानी से कह दिया कि पीएम तो दूसरी लहर को समझ ही नहीं पाए। राहुल ने साथ ही मोदी को इवेंट मैनेजर तक कह दिया।

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कुछ ऐसी है 'कोविड से मोविड' की कहानी

कोविड को मोविड लिखने के सवाल पर राहुल गांधी जरा भी विचलित नहीं होते। उन्होंने प्रेसवार्ता में साफतौर पर कह दिया, टूलकिट की बात सरासर झूठ है। मेरा मतलब था कि देश में कोरोना संक्रमण ने तबाही मचा रखी है। नदियों के किनारे लाशें मिल रही हैं। मरीजों को ऑक्सीजन-अस्पताल-दवा, कुछ भी तो समय पर नहीं मिला। प्रधानमंत्री के एक्शन ऐसे थे, जिससे कोविड कम होने की बजाए, बढ़ता चला गया। मैं कह रहा हूं कि मोदी ने कोविड को बढ़ाया है। इसके लिए उनकी गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। वे कभी थाली बजवाते हैं, बंगाल में चुनाव करा देते हैं, खुद बिना मास्क के रैलियों को संबोधित करते हैं। करोड़ों लोगों को मेला घुमा देते हैं। ये सब क्या था। इन सब कार्यों ने कोरोना संक्रमण को बढ़ाया है। ऐसे में मैंने 'कोविड को मोविड' बना दिया।

मतलब, कोरोना को बढ़ाने में मोदी जी का हाथ रहा है। प्रधानमंत्री के पास लॉकडाउन की रणनीति ही नहीं थी। लॉकडाउन को भयंकर हथियार माना जाता है, पीएम ने बिना सोचे समझे उसका जमकर इस्तेमाल किया। विशेषज्ञ रोज बता रहे हैं कि कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है। मगर नहीं, पीएम को तो बंगाल में चुनाव कराने थे। जब मैंने मोविड लिखा तो मेरा आशय साफ था कि अगर कोविड पर ध्यान दिया होता तो सिर्फ कोविड होता, लेकिन उन्होंने कोविड को फैलने में मदद की, इसलिए मैंने उनके नाम का पहला अक्षर इस्तेमाल किया। इस तरह कोविड का मोविड हो गया।

राहुल ने देश की जनता का अपमान किया है: जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जो कुछ कह रहे हैं, वह देश की जनता का अपमान है। 'प्रधानमंत्री देश की जनता के साथ कोविड का सामना कर रहे हैं, तब ये (राहुल गांधी) ऐसे प्रयासों के लिए 'नौटंकी' शब्द का उपयोग करते हैं, ये देश और जनता का अपमान है। राहुल की नौटंकी जनता ने कब की बंद कर दी है। आज आपका (राहुल गांधी) यह बयान देखकर एक बात पक्की हो गई कि टूलकिट आपके ही द्वारा निर्मित है। जिस तरह की भाषा, तर्क और लोगों में डर फैलाने की आपने कोशिश की, वो उसी रणनीति का हिस्सा है। राहुल जी समझ लीजिए कि भारत का वैक्सीनेशन दिसंबर 2021 में ही पूरा होगा।

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