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प्रियंका का रिकॉर्ड: यूपी में सबसे कम दिनों में सबसे ज्यादा की राजनीतिक परिक्रमा, यह इंदिरा-राजीव गांधी से भी ज्यादा
Sat, 30 Oct 2021 11:38 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
आशीष तिवारी
आशीष तिवारी
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 30 Oct 2021 11:38 AM IST
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प्रियंका गांधी को पुलिस लाइन ले जाया गया।
- फोटो :
amar ujala
विस्तार
देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कर्मभूमि तो उत्तर प्रदेश रही है, लेकिन सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की परिक्रमा कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने कर डाली। बीते दो सालों में प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के प्रभारी के तौर पर पूर्वांचल से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश और तराई से लेकर बुंदेलखंड तक के पूरे इलाके को नाप डाला है।कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रियंका गांधी की इस "यूपी परिक्रमा" से न सिर्फ पार्टी को ऑक्सीजन मिली है बल्कि आने वाले विधानसभा के चुनाव और 2024 में लोकसभा के चुनावों में बहुत बड़ी राजनैतिक जमीन भी मिलने वाली है।
यूपी प्रभारी बनने के बाद व्यस्त रहा है राजनीतिक सफर
14 जुलाई 2019 को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी का उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया। उसी के साथ प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में अपने ताबड़तोड़ दौरे करने शुरू कर दिए। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावो के चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन पीएल पुनिया कहते हैं कि प्रियंका गांधी ने बीते दो साल में सबसे ज्यादा जन आंदोलनों में हिस्सा लेकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। वह कहते हैं प्रियंका गांधी ने सोनभद्र से शुरू करके हाथरस, उन्नाव, आगरा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर और बनारस होते हुए अब ललितपुर तक पहुंच चुकी हैं।
पुनिया के मुताबिक प्रियंका गांधी इन सभी जगहों पर उन आंदोलनों में और उन परिवार के लोगों से मिलने पहुंची थी जो सरकार के दमन चक्र में फंसकर पूरी तरीके से बर्बाद हो चुके थे। प्रियंका गांधी कुछ ऐसे ही नई जिम्मेदारी मिली उसके साथ उन्होंने अपने संगठनात्मक ढांचे को पूरी तरीके से व्यवस्थित करना शुरू कर दिया और उत्तर प्रदेश के एक-एक जिले से लेकर तहसील कस्बे शहर गांव और न्याय पंचायत तक में अपना संगठन खड़ा करना शुरू कर दिया।
'राहुल गांधी ने भी इतने कम वक्त में यूपी के इतने दौरे नहीं किए'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष सतीश आजमानी कहते हैं कि प्रियंका गांधी ने जितने कम वक्त में उत्तर प्रदेश का जनआंदोलनों के माध्यम से संपर्क स्थापित किया है वो एक मिसाल और रिकॉर्ड भी है। आजमानी के मुताबिक इतने कम वक्त में पूरे उत्तर प्रदेश में ज्यादा दौरे इतने कम वक्त में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी राजीव गांधी सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी नहीं किए।
इसकी वजह बताते हुए वह कहते हैं कि दरअसल प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की प्रभारी भी हैं। इस नाते उन्होंने अपना पूरा वक्त उत्तर प्रदेश को समर्पित कर दिया। जबकि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे इसलिए पूरे देश में उनके लगातार दौरे होते रहते थे। जबकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं।
'लखीमपुर से लेकर मुजफ्फरनगर तक दिखीं प्रियंका'
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कहते हैं कि प्रियंका गांधी ने जिस तरीके से शुरुआत पूर्वांचल में सोनभद्र से की उसके बाद वह पश्चिम में पहुंचकर गाजियाबाद में बाल्मीकि समाज की एक लड़की के साथ हुई बर्बर पूर्वक हत्या में आंदोलन में हिस्सा लिया। फिर उन्नाव केस में न्याय की लड़ाई लड़ी। हाथरस का मामला हो या आगरा में दलित की हत्या। लखीमपुर में किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा कर मार देने का मामला हो या मुजफ्फरनगर में किसानों के लिए आंदोलन की संघर्षरत लड़ाई या फिर बनारस में किसानों के न्याय के लिए होने वाली सबसे बड़ी रैली हो। प्रियंका गांधी लगातार उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रियता के साथ अपने पांव जमा रही हैं।
कांग्रेस के चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन पीएल पुनिया कहते हैं कि यह प्रियंका गांधी की ताकत ही है कि कांग्रेस में एक बार फिर से नई जान आ गई है। पुनिया कहते हैं कि आप सिर्फ परिणाम देखिएगा।