देशद्रोह मामले में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को गिरफ्तारी के चार दिन बाद मिली जमानत
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हार्दिक पटेल को 2015 के राजद्रोह मामले में निचली अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर बुघवार को गिरफ्तारी के चार दिन बाद जमानत मिल गई। गुजरात में पाटीदार आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले व वर्तमान में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अहमदाबाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और फिर 24 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
Gujarat:Congress leader Hardik Patel was produced before the magistrate in Ahmedabad&has been sent to judicial custody till January 24. He was arrested near Viramgam (Ahmedabad district) after a non-bailable warrant was issued against him in connection with a sedition case today. pic.twitter.com/4tLIukrwca
— ANI (@ANI) January 18, 2020विज्ञापन
बता दें कि 2015 के देशद्रोह के मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। हार्दिक पटेल को अहमदाबाद जिले के विरमगम के पास से गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी राजदीप सिंह जाला (साइबर क्राइम) ने भी उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, 'अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद हार्दिक पटेल को गिरफ्तार किया गया।
हार्दिक पटेल को पहले भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। 25 अगस्त, 2015 को अहमदाबाद में पटेल समुदाय की रैली में हुई हिंसा के बाद स्थानीय क्राइम ब्रांच ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया था।
Congress leader Hardik Patel has been arrested near Viramgam (Ahmedabad district ) after a non-bailable warrant was issued against him in connection with a sedition case today. pic.twitter.com/YcP4GNsYxc
— ANI (@ANI) January 18, 2020
लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जुलाई 2016 में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था। नवंबर, 2018 में हार्दिक पटेल और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। शनिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायधीश बीजी गनात्रा ने सरकार की याचिका को स्वीकार करने के बाद हार्दिक पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था।
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी मामले को लटकाए रखना चाहते हैं और इसी वजह से वे बार—बार पेशी से छूट मांग रहे हैं। अदालत ने यह भी पाया कि वह जमानत की शर्तों का भी उल्लंघन कर रहे हैं और वह सुनवाई के दौरान नियमित तौर पर पेश नहीं हो रहे हैं। हार्दिक पटेल 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे।