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किसी ऐरे-गैरे, नत्थू-खैरे को कैसे बना दें कांग्रेस का अध्यक्ष: भक्त चरण दास

Mon, 23 Nov 2020 12:00 AM IST
देव कश्यप शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Mon, 23 Nov 2020 12:00 AM IST
सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद पार्टी के बड़े नेता हैं। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पार्टी में सुधार के मुद्दे उठा रहे हैं। इसमें गलत कुछ भी नहीं है, लेकिन उनका तरीका सही नहीं है...

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Congress leader Bhakta Charan Das says How to make President of Congress party to anyone
कांग्रेस नेता भक्त चरण दास (फाइल फोटो) - फोटो : Youtube

विस्तार

कालाहाड़ी (उड़ीसा) के जमीनी नेता हैं भक्त चरण दास। कभी आधुनिक उड़ीसा के निर्माता बीजू पटनायक दास में अपना उत्तराधिकार देखते थे, लेकिन वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री न केवल कांग्रेस के वफादार सिपाही हैं, बल्कि दो-दो राज्यों के प्रभारी भी हैं। कांग्रेस में अध्यक्ष और नेहरू-गांधी परिवार से इतर को पार्टी अध्यक्ष बनाने के सवाल पर तपाक से कहते हैं कि क्या किसी ऐरे-गैरे,नत्थू-खैरे को चुन लें? पार्टी में दूसरा इस पद के लायक चेहरा है कौन? फिर राहुल गांधी में खराबी कहां है? आप उनके जैसा एक दूसरा ईमानदार, साफ-सुथरा, पार्टी के समर्पित चेहरा तो बताइए।

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अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में भक्त चरण दास ने कहा कि पार्टी के भीतर अंदरुनी और बाहरी दोनों चुनौतियां हैं। संगठनात्मक स्तर पर सुधार पार्टी की जरूरत है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया है। यह समितियां सुधार और पार्टी की भावी दशा बताने के लिए काफी हैं। भक्त चरण दास कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी के सामने समय के कारण भी कुछ चुनौतियां हैं। समय की बात है। कुछ इंतजार कीजिए और समय के साथ सब ठीक हो जाएगा।

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कपिल सिब्बल और आजाद की मांग ठीक, तरीका गलत, मर्यादा तोड़ रहे हैं

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद पार्टी के बड़े नेता हैं। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पार्टी में सुधार के मुद्दे उठा रहे हैं। इसमें गलत कुछ भी नहीं है, लेकिन उनका तरीका सही नहीं है। वह पार्टी के मंच पर मुद्दे उठाने की बजाय इसे फोरम के बाहर ऐसा करके अपनी मर्यादा तोड़ रहे हैं। दास के मुताबिक, मेरा कहना ठीक नहीं होगा, लेकिन इस तरह का सवाल उठाने वाले हमारे वरिष्ठ नेता को जरा अपना भी पुर्नमूल्यांकन करना चाहिए। दास ने कहा कि कांग्रेस के नेता इतनी जल्दी अपना धैर्य क्यों खो रहे हैं? उनकी रुचि पार्टी को खड़ा करने या मजबूत बनाने में क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि सवाल उठाएं, सुधार हो लेकिन सबकुछ मर्यादा के दायरे में ही होना चाहिए।

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मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने और मैं दो राज्यों का प्रभारी हूं

कांग्रेस पार्टी की कार्यवाहक अध्यक्ष देश की प्रधानमंत्री हो सकती थीं, राहुल गांधी भी केंद्र सरकार में बड़ी भूमिका निभा सकते थे, लेकिन क्या ऐसा हुआ? कांग्रेस पार्टी और उसकी अध्यक्ष ने ही मनमोहन सिंह को योग्य समझकर उन्हें प्रधानमंत्री चुना। पूर्व प्रधानमंत्री देश को विकास के स्तर पर बहुत आगे ले गए। आज देश के पास वैसा दूरदर्शी प्रधानमंत्री नहीं है तो हम सब उसकी सजा भुगत रहे हैं। मनमोहन सिंह कोई देश को बगरलाने, झूठ बोलने वाले, लोगों की भावना से खिलवाड़ करने वाले, धर्म और नफरत की राजनीति करने वाले प्रधानमंत्री नहीं थे।



दास ने कहा कि पिछले 20 महीने से वह सोनिया, राहुल से नहीं मिले हैं। कालाहाड़ी क्षेत्र में कांग्रेस को खड़ा करने में लगे हैं, लेकिन दो राज्यों के प्रभारी बना दिए गए। उनका कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पद की लालसा नहीं है। वह देश और कांग्रेस पार्टी की सेवा करना चाहते हैं। वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के कुछ नेता अपनी हदें लांघ रहे हैं। भक्त चरण ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी के कामकाज पर तो अंगुली उठ गई, लेकिन क्या कांग्रेस के अन्य राज्यों के प्रभारियों, पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों या जिम्मेदार लोगों पर भी उठी? कोई चर्चा की गई? आखिर अन्य नेताओं का योगदान क्या है?

ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह धैर्य न खोएं

भक्त चरण दास कहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महत्वाकांक्षा, अहंकार में धैर्य खो दिया। मैं ज्योतिरादित्य के पिता माधव राव सिंधिया के साथ काम कर चुका हूं। सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट के साथ काम किया है। यह अच्छी बात है कि सचिन नाराज तो हुए लेकिन अपना धैर्य नहीं खोया। पार्टी में बने हैं। अशोक गहलोत के बाद राजस्थान में वह सबसे बड़े नेता बनेंगे। लेकिन ज्योतिरादित्य ने क्या किया? एक वरिष्ठ नेता कमलनाथ को तीन-चार साल के लिए नहीं सह सके? भक्त चरण दास का कहना है कि ऐसे धैर्यहीन नेताओं के बारे में क्या कहना।

सिंधिया में पार्टी का भावी अध्यक्ष दिखाई दे रहा था

भक्त चरण दास कहते हैं कि वह कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रशंसकों में थे। उन्हें तो सिंधिया की बोलने की शैली, राजनीतिक ऊर्जा, अपने क्षेत्र में टीम बनाने का प्रयास सब काफी अच्छा लगता था। सिंधिया पार्टी के दफ्तर में बोलते थे तो नेता खूब ताली बजाते थे। उन्हें तो लग रहा था कि कांग्रेस पार्टी का भविष्य में सिंधिया अध्यक्ष बनकर इसे अच्छी दिशा दे सकते हैं, लेकिन जब सिंधिया का मैं (घमंड) पार्टी से बड़ा हो गया तो उन्हें काफी निराशा हुई। दास का कहना है कि आज भाजपा में जाकर सिंधिया खुश नहीं हैं। उनकी तकलीफ भी समझी जा सकती है।

राहुल गांधी में कमी क्या है?

भक्त चरण दास ने कहा कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने की आशंका से हो सकता है पार्टी के भीतर कुछ नेता भड़भड़ा रहे हों। लेकिन एक बात साफ है कि कांग्रेस पार्टी को भविष्य की दिशा राहुल गांधी जैसा ईमानदारी से प्रयास करने वाला नेता ही दे सकता है। कोई मुझे बताए तो कि राहुल गांधी में कमी क्या है? उनपर अंगुली उठाने वाले ने भी पार्टी को मजबूत बनाने के लिए क्या किया है? राहुल गांधी का विरोध करने वाले प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भाषा बोल रहे हैं। उन्हें पता है कि राहुल गांधी मैनेजेरियल स्टाइल में राजनीति नहीं करते। झूठ नहीं बोलते। जनता के सामने मुद्दे रखने और पार्टी के हित में फैसला करने से संकोच नहीं करते।

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