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लोकसभा: कांग्रेस ने तीन दिनों के लिए जारी किया व्हिप, ऑपरेशन सिंदूर समेत इन मद्दों पर होगी बहस
Sun, 27 Jul 2025 09:43 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 27 Jul 2025 09:43 PM IST
सार
कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन दिन के लिए सदन में अनिवार्य उपस्थिति का व्हिप जारी किया है, क्योंकि इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस होगी। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता लोकसभा और राज्यसभा में इन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा में भाग लेंगे या नहीं।
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी
- फोटो : एएनआई/संसद टीवी (फाइल)
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विस्तार
कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी किया है, जिसमें सोमवार से तीन दिनों के लिए सदन में उनकी उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस होनी है। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े इन दो मुद्दों पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: त्रिपुरा में 'मन की बात' सुनते समय भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला, कई घायल; पार्टी ने सहयोगी टिपरा मोथा पर लगाया आरोप
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भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता लोकसभा और राज्यसभा में इस बहस के दौरान अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस ने व्हिप कर अपने सभी सांसदों को सोवार से तीन दिनों तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
पीएम मोदी के भी चर्चा में शामिल होने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर संबोधित कर सकते हैं। इसके अलावा, यह भी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हस्तक्षेप कर सरकार की आतंकवाद के खिलाफ 'सख्त रुख' को सदन में स्पष्ट करें।
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हंगामेदार रहा मानसून सत्र का पहला हफ्ता
संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण लगभग ठप रहा था। इसके बाद 25 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की सहमति दी है। दोनों पक्षों ने प्रत्येक सदन में 16 घंटे की लंबी बहस पर सहमति जताई है, जो आमतौर पर वास्तविकता में और भी अधिक समय तक खिंचती है।
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भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की उम्मीद है।
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भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता लोकसभा और राज्यसभा में इस बहस के दौरान अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस ने व्हिप कर अपने सभी सांसदों को सोवार से तीन दिनों तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
पीएम मोदी के भी चर्चा में शामिल होने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर संबोधित कर सकते हैं। इसके अलावा, यह भी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हस्तक्षेप कर सरकार की आतंकवाद के खिलाफ 'सख्त रुख' को सदन में स्पष्ट करें।
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हंगामेदार रहा मानसून सत्र का पहला हफ्ता
संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण लगभग ठप रहा था। इसके बाद 25 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की सहमति दी है। दोनों पक्षों ने प्रत्येक सदन में 16 घंटे की लंबी बहस पर सहमति जताई है, जो आमतौर पर वास्तविकता में और भी अधिक समय तक खिंचती है।