गुजरात विधानसभा चुनाव: भाजपा की नाक से नाक लड़ाने को तैयार कांग्रेस
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कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा से गुजरात विधानसभा चुनाव में उसकी नाक से अपनी नाक लड़ाने के लिए तैयार है। उच्चपदस्थ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है। पार्टी की सूची करीब-करीब तैयार है और कांग्रेस के सहयोगी भी उम्मीदवारों की सूची के स्वरुप से सहमत हैं।
कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों की सूची में पाटीदार समाज को अच्छी संख्या में टिकट मिलने की संभावना है। इसके अलावा आदिवासी, दलित, महिला समेत अन्य उम्मीदवारों को जगह देगी। कुल मिलाकर कोशिश गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ कड़े मुकाबले में कोई कसर न छोड़ने की है।
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कांग्रेस को गुजरात विधानसभा चुनाव में पाटीदार समाज हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर, जिग्नेश मेवानी का साथ मिलना तय है। इसके अलावा एनसीपी, शरद यादव के नेतृत्व वाले जनता दल के साथ गठबंधन होना तय है। एनसीपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने की घोषणा की है। पाटीदार समाज से चर्चा के लिए दिल्ली आए दिनेश बमभानिया समेत अन्य के साथ सहमति बनने के बाद माना जा रहा है कि रविवार को कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी कर देगी।
प्रचार में ताकत झोंकने की तैयारी
भाजपा की ही तर्ज पर कांग्रेस ने भी प्रचार का खाका तैयार किया है। गुजरात विधानसभा चुनाव के बाबत पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला कहते हैं कि सुखद नतीजा आने का पूरा विश्वास है। सुरजेवाला का कहना है कि जनता भजपा के झूठे आश्वासन, बहकाऊ राजनीति से त्रस्त है और वह कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन दे रही है।
वहीं पार्टी के एक अन्य प्रमुख रणनीतिकार का कहना है कि कांग्रेस ने गुजरात में नामांकन का दौर शुरू होने से लेकर मतदान की तारीख से पहले तक का प्रचार का खाका खींच लिया है। ऐसा पहली बार होगा जब पार्टी का एकमात्र उद्देश्य गुजरात विधानसभा चुनाव पर फोकस होगा। इसके लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भरपूर समय देने का मन बनाया है।
राहुल गांधी के अलावा प्रचार के लिए कांग्रेस ने अपने सभी प्रभावशाली चेहरे से गुजरात का रुख करने के लिए कहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी वहां प्रचार के लिए जाएंगे। गुजरात के प्रभारी अशोक गहलोत वहां लगातार कैंप कर रहे हैं। इसके अलावा गुलाम नबी आजाद, रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत अन्य नेता गुजरात में मोर्चा संभालेंगे। पार्टी ने सोशल मीडिया प्रबंधन पर भी खासा ध्यान दिया है।
भाजपा आई जातिगत समीकरण पर
कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि भाजपा हम पर गुजरात विधानसभा चुनाव में जातिगत राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही थी, लेकिन सत्ता पक्ष की पहली सूची से काफी कुछ अपने आप स्पष्ट हो जा रहा है। वड़ोदरा से हरेश मलानी का कहना है कि 70 उम्मीदवारों की सूची भाजपा की घबराहट को बता रही है।
हरेश का कहना है कि भाजपा ने यह रणनीति कांग्रेस के समर्थन में जनता के बढ़ रहे जनाधार को देखकर किया है। वहीं कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी राज्य में अपने उम्मीदवारों को उतारने में सभी पक्षों का पूरा ध्यान रखेगी। बताते हैं गुजरात में जीत का गणित बनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, भरत सिंह सोलंकी, शक्ति सिंह गोहिल, अशोक गहलोत, मधुसूदन समेत अन्य काफी कड़ा होमवर्क कर रहे हैं।
बीच में हो सकता है राहुल का प्रमोशन
भाजपा के एक दिसंबर से 12 दिसंबर के उच्चस्तरीय प्रचार अभियान के जवाब में कांग्रेस के रणनीतिकारों का कहना है कि पार्टी सत्ता पक्ष से कमजोर नहीं रहेगी। प्रचार से लेकर चुनाव वातावरण को कांग्रेस के पक्ष में बनाए रखने की हर कोशिश को ध्यान में रखा जा रहा है। इसके साथ-साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की छवि का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए भी चुना जा सकता है। माना जा रहा है कि इसका भी पार्टी को अच्छा लाभ मिल सकता है। इसके अलावा पार्टी ने किसी नकारात्मक प्रचार से दूर रहने की योजना बनाई है।
पार्टी के आईटी सेल से जुड़े एक सदस्य का कहना है कि भाजपा राहुल गांधी की छवि को खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, लेकिन इसका अब उसे नुकसान होने लगा है। सूत्र का कहना है कि कांग्रेस इस तरह का कोई प्रयोग नहीं करेगी।