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वीएचपी मुख्यालय क्यों पहुंचे दिग्विजय, भगवा खेमे में खलबली
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Apr 2016 10:36 AM IST
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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रविवार को अचानक विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के मुख्यालय पहुंचकर भगवा खेमे को चौंका दिया है। अब भगवा रणनीतिकार दिग्गी के वीएचपी मुख्यालय आने की अबूझ पहेली को समझने में जुटे हुए हैं। विहिप मुख्यालय में दिग्गी की चर्चा हर भगवाधारी के जुबान पर है।
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सूत्र बताते हैं कि संघ परिवार और भाजपा के खिलाफ सदैव मुखर रहने वाले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रविवार को करीब 11 बजे अचानक से दिल्ली के आरके पुरम स्थित विहिप मुख्यालय में दाखिल हुए।
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मुख्यालय पहुंचने पर उपस्थित लोगों ने उनका अतिथि सतकार किया। इस बीच दिग्गी ने कार्यालय में मौजूद विहिप के अंतराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय से मुलाकात करते हुए उनके साथ चाय पे चर्चा की।
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हांलाकि विहिप अधिकारियों का कहना है कि दिग्गी के मुख्यालय आने के सियासी मायने नहीं है। लेकिन उनका विहिप मुख्यालय पहुंचना ही भगवाधारियों के लिए अचंभित करने वाला क्षण था। दबी जुबान से ही सही विहिप नेताओं की चर्चा में दिग्गी के मुख्यालय आगमन को लेकर कयास निकालनें का दौर जारी है।
सूत्र बताते हैं कि विहिप के अंतराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के सहयोगी शिबू जी के साथ दिग्गी के पुराने रिश्ते हैं। वे उनके साथ ही मुख्यालय पहुंचे थे और मुख्यालय में उपस्थित लोगों से उन्होंने मेल मुलाकात की।
वैसे विहिप के साथ दिग्गी के रिश्तों पहले भी सूर्खियों में आए थे। जब 2012 में संघ के मुखपत्र पांचजन्य ने अपने लेख में यह कहते हुए दिग्गी की एक तस्वीर छापी थी कि वे बताएं कि किसके एजेंट हैं।
उन दिनों अन्ना हजारे समेत तमाम लोगों पर दिग्विजय के सियासी हमले जारी थे कि ये लोग संघ के एजेंट हैं। उक्त तस्वीर में दिग्विजय मुख्यमंत्री रहते तत्कालीन संघ प्रमुख रज्जू भैय़ा और विहिप के अध्यक्ष अशोक सिंघल के बीच में बैठे हुए थे।
नब्बे के दशक में हरिद्वार में संपन्न हुआ विश्व हिंदू सम्मेलन का आयोजन विहिप का था। नेपाल नरेश उसमें बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए थे।