रसोई गैस की बढ़ती कीमत पर बोली कांग्रेस, जनता के बजट पर वार कर रही सरकार
पंद्रह दिनों में दूसरी बार घरेलू गैस के कीमतों में बढ़ोत्तरी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा कि अन्नदाता के साथ अन्नपूर्णा पर भी वार और कितना करोगे देश को लाचार।
वहीं महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने पूछा कि किसके अच्छे दिन मोदी जी। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पत्रकारों से कहा कि एक ओर जब देश कोरोना महामारी से उबरने की कोशिश कर रहा है उस पर आर्थिक बोझ डाल दिया गया। 15 दिनों में सौ रुपये बढ़ाकर सरकार ने महंगाई और बढ़ा दी है। इस बढ़ोतरी से देश की आधी आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
पार्टी ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में बहुत ज्यादा गिरावट आई हैं तो फिर सरकार को मुनाफा कमाने के बजाय देश की जनता को इसका फायदा पहुंचाना चाहिए।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'किसके अच्छे दिन मोदी जी? बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस के दाम 15 दिन में 100 रुपये बढ़े। सब्सिडी वाला सिलेंडर 16 मई, 2014 को 412 रुपये का था और आज 595.86 का है। इसमें बढ़ोतरी करीब 184 रुपये की हुई। बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर एक अगस्त 2019 को 574.50 रुपये थो जो 694 का है। इसमें बढ़ोतरी 120 रुपये की हुई।' उन्होंने कहा, 'मुनाफाखोर भाजपा सरकार, जनता के बजट पर वार।'
पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, 'सिलेंडर की कीमत बढ़ाने का आम घरों और गृहणियों के बजट पर असर होता है।' उन्होंने सवाल किया कि भाजपा की वो महिला नेता कहां गईं जो कांग्रेस की सरकार के समय रसोई गैस के दाम बढ़ने पर सिलेंडर लेकर बैठती थीं? सुप्रिया ने कहा, 'क्या मुनाफा सिर्फ सरकार का होगा और कष्ट आम लोग झेलेंगे? अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमत गिर गई है तो इसका फायदा आम लोगों को मिलना चाहिए।'
ठंड में वैश्विक मांग बढ़ने से आया रसोई गैस के दामों में उछाल: प्रधान
भारत में रसोई गैस के दामों में मौजूदा उछाल को अंतरराष्ट्रीय बाजार के कारकों से जोड़ते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि ठंड के मौसम के दौरान वैश्विक मांग में इजाफे के चलते देश में भी इस घरेलू ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं।
उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में देश में रसोई गैस के दाम कम हो जाएंगे। रसोई गैस की बढ़ती महंगाई के बारे में पूछे जाने पर प्रधान ने इंदौरा में कहा कि देश में रसोई गैस के दाम लगातार नहीं बढ़ रहे हैं। हालांकि, मैं स्वीकार करता हूं कि इस महीने रसोई गैस की कीमतें बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ठंड के मौसम के दौरान एलपीजी (रसोई गैस) की खपत बढ़ जाती है। समय-समय पर एलपीजी की मांग बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके दामों में इजाफा हो जाता है। नतीजतन महंगे दामों पर आयात के चलते भारत में भी ग्राहकों के लिए इसके दामों वृद्धि करनी पड़ती है।
कचरे से 10 हजार करोड़ रुपये का ईंधन बनाने का लक्ष्य
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में देश में एलपीजी की कीमतें फिर घट जाएंगी। प्रधान, केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के समर्थन में भाजपा के आयोजित संभागीय किसान सम्मेलन में हिस्सा लेने इंदौर आए थे। उन्होंने सम्मेलन में यह भी बताया कि तेल विपणन कंपनियां मध्यप्रदेश में हर साल 65,000 करोड़ रुपये का पेट्रोल-डीजल बेचती हैं।
प्रधान ने बताया कि आयातित पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता घटाने के लिए हमने अगले 10 साल के दौरान राज्य में पराली और अन्य कृषि अपशिष्टों के साथ ही शहरी घरों से निकलने वाले कचरे से करीब 10,000 करोड़ रुपये के ईंधन बनाने का लक्ष्य तय किया है।