कांग्रेस संकट: अनिल शास्त्री बोले- पार्टी में कुछ चीजों की कमी, नेताओं के बीच नहीं होती बैठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस में जारी अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल शास्त्री का कहना है कि पार्टी नेतृत्व में कुछ कमी है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य से आने वाले नेताओं के लिए वरिष्ठ नेताओं से मिलना आसान नहीं होता है।
अनिल शास्त्री ने मंगलवार को कहा, 'कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में कुछ चीजों की कमी है और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पार्टी नेताओं के बीच बैठकें नहीं होती हैं। अगर एक अलग राज्य का कोई पार्टी नेता दिल्ली आता है, तो उसके लिए यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलना आसान नहीं होता है।'
There are certain things lacking in the leadership of Congress party & the most significant one is that meetings are not held b/w party leaders. If a party leader from a different state comes to Delhi, it's not easy for him to meet senior party leaders here: Anil Shastri,Congress pic.twitter.com/X4mJLP2oLV
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 25, 2020
उन्होंने आगे कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, जैसे सोनिया गांधी और राहुल गांधी पार्टी नेताओं से मिलना शुरू करते हैं, तो मुझे लगता है कि 50 प्रतिशत समस्याओं का हल हो जाएगा। इसके अलावा मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सिब्बल ने ऐसा ट्वीट किया है जिससे कि अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। वहीं पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने भी ट्वीट करके पार्टी में जारी संकट को अंत की शुरुआत बताया है।
यह भी पढ़ें- कांग्रेस में अंतर्कलह का अभी अंत नहीं, सिब्बल ने कहा- मेरे लिए पद नहीं, देश अहम है
मेरे लिए पद नहीं, देश अहम: कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, ‘यह एक पद के बारे में नहीं है। यह मेरे देश के बारे में हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखता है।’ दूसरी तरफ, पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने ट्वीट कर लिखा, ‘यह तो अंत की शुरुआत है।’
बड़ा सवाल-कौन संभालेगा पार्टी की कमान
पार्टी में जारी विवाद टालने के लिए कमेटी बनाने की घोषणा हुई है। यह संगठन के कामकाज पर उठाए गए सवालों की पड़ताल करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि कमेटी में किस गुट के नेता का पलड़ा भारी रहता है। हालांकि राहुल विरोधी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कमेटी समाधान नहीं है। सवाल यह है कि पार्टी की कमान कौन संभालेगा और पार्टी भविष्य में किस तरह की कार्यशैली अपनाएगी।