अब राज्य सभा उपसभापति का चुनाव बनेगा नया सियासी दंगल, एकजुट विपक्ष देगा मोदी को चुनौती
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राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव बीजेपी और विपक्ष के लिए अगला युद्ध का मैदान बनने जा रहा है। सूत्रों की अगर मानें तो कांग्रेस एकबार फिर से राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए दावेदारी पेश करेगी। इसके लिए कांग्रेस बीजू जनता दल से भी हाथ मिलाने को तैयार है तब जब दोनों ही पार्टियां ओडिशा में कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। कांग्रेस राज्यसभा उपासभापति के चुनाव में किसी भी हाल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को हराने के लिए कमर कस चुकी है। और इसके लिए वह अपने प्रतिद्वंद्वियों को भी गले लगाने को तैयार है।
इस पूरे मामले पर नजदीकी से नजर रख रहे दो लोगों ने बताया कि कांग्रेस सीट के लिए अपना दावा छोड़ने और चुनाव में दावा पेश करने के लिए विपक्षी एकता को और मजबूत करने के लिए बीजेडी, तृणमूल कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से भी हाथ मिलाने और अपने उम्मीदवार को वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। कांग्रेस ने कुछ ऐसा ही कर्नाटक में कर के दिखाया है जहां उसने अपने मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी को तो खत्म किया ही साथ ही बीजेपी के ऑप्शन को भी खत्म कर दिया।
बता दें कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन का कार्यकाल इसी महीने के अंत तक खत्म होने जा रहा है और उस पद पर चुनाव मॉनसून सत्र में कराए जाने की उम्मीद है। बीजेडी इस लिए अभी मजबूत है क्योंकि राज्यसभा में उसके 9 सांसद है। अपनी पहचान न जाहिर करने पर एक नेता ने बताया कि इस पूरे मामले में तीन बड़े बांध है बीजेडी, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वाईएसआर कांग्रेस।
एनडीए गठबंधन वाली सरकार में उनके पास राज्यसभा में 105 सांसद है
कांग्रेस की चुनाव से जुड़ी इस पूरी रणनीति के बारे में उस नेता ने बताया कि हमें लगता है कि दक्षिण की दोनो पार्टियां हमारी मदद नहीं करेंगी लेकिन अगर बीजेडी हमारे साथ आती है तो हम 122 के बहुमत के आंकड़े को पार कर जाएंगे और अपनी उपसभापति बना सकेंगे।
बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन के पास राज्यसभा में 105 सांसद हैं और छह निर्दलीय है जबकि कई और सांसदों से उम्मीद की जा रही है कि वह इन्हें मदद करेंगे। यहां तक कि यदि एनडीए टीआरएस और वाईएसआरसीपी के वोट सुरक्षित करता है, तो अकेले बीजेडी विपक्ष के पक्ष में वोट को स्विंग करने की स्थिति में है।
एक वरिष्ठ बीजेडी नेता ने कांग्रेस को समर्थन दिए जाने के मामले में पुष्टि की कि गैर विपक्षी उम्मीदवारों को सभी विपक्षी वोटों को अपनाने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि बीजेडी कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन नहीं करेगी लेकिन वह गैर कांग्रेसी उम्मीदवार को समर्थन किए जाने पर विचार कर रही है।
दोनों पक्षों ने एक साथ बताया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) अध्यक्ष सोनिया गांधी और नवीन पटनायक कई सालों से अच्छे दोस्त रहे हैं। यही नहीं एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पहचाने जाने के लिए कहा, "राहुल ने भी उनके साथ राजनीतिक संचार के लिए एक चैनल खोला है।"