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दिल्ली में कांग्रेस-आप का संयुक्त मोर्चा बनाने के प्रयास शुरू, सीटों के बंटवारे पर कर रहे चर्चा
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
Updated Sat, 02 Jun 2018 09:48 AM IST
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कांग्रेस, आप
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कर्नाटक विधानसभा और उसके बाद उपचुनावों में गठबंधनों को भाजपा के खिलाफ मिली सफलता ने विपक्षी दलों में नई आशा का संचार कर दिया है। एकता की ये बयार अब दिल्ली में भी बह निकली है। पिछले लोकसभा चुनाव में सभी सातों सीटें भाजपा के हाथों गंवाने वाली आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने दिल्ली और हरियाणा में अपना संयुक्त मोर्चा बनाने का प्रयास शुरू किया है। इसके लिए दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत चल रही है। हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस विरोधी आंदोलन की पृष्ठभूमि में ही आम आदमी पार्टी (आप) का गठन हुआ था।
आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप पांडे ने तालमेल की बातचीत शुरू होने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह बातचीत दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच पिछले तीन-चार दिनों से हो रही है। फिलहाल आप दिल्ली में खुद चार सीटें लड़ना चाहती है और कांग्रेस को तीन सीटें देने को तैयार है। लेकिन कांग्रेस उसे दूसरे राज्यों में लड़ने का अवसर देने के बदले दिल्ली की सात में से पांच सीटें खुद लड़ना चाहती है।
हालिया चुनावों में कमजोर दिखी है आप
पंजाब में खुद को मुख्य विपक्षी दल मान रही आप के उम्मीदवार को बृहस्पतिवार को आए उपचुनाव के नतीजों में वहां केवल 1900 वोट मिले हैं। हरियाणा में आप ने हाल ही में जड़ें जमानी शुरू की हैं, जबकि दिल्ली में नगर निगम चुनाव में भी उसे खास सफलता नहीं मिली थी। इसी खराब प्रदर्शन ने उसे कांग्रेस की तरफ खिसकाया है। हालांकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले पांच साल से वे जिस आप के खिलाफ ही लड़ रहे थे, उसके साथ तालमेल कैसे करेंगे। लेकिन आप नेताओं का दावा है कि फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा, प्रदेश के नेता नहीं।
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आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप पांडे ने तालमेल की बातचीत शुरू होने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह बातचीत दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच पिछले तीन-चार दिनों से हो रही है। फिलहाल आप दिल्ली में खुद चार सीटें लड़ना चाहती है और कांग्रेस को तीन सीटें देने को तैयार है। लेकिन कांग्रेस उसे दूसरे राज्यों में लड़ने का अवसर देने के बदले दिल्ली की सात में से पांच सीटें खुद लड़ना चाहती है।
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हालिया चुनावों में कमजोर दिखी है आप
पंजाब में खुद को मुख्य विपक्षी दल मान रही आप के उम्मीदवार को बृहस्पतिवार को आए उपचुनाव के नतीजों में वहां केवल 1900 वोट मिले हैं। हरियाणा में आप ने हाल ही में जड़ें जमानी शुरू की हैं, जबकि दिल्ली में नगर निगम चुनाव में भी उसे खास सफलता नहीं मिली थी। इसी खराब प्रदर्शन ने उसे कांग्रेस की तरफ खिसकाया है। हालांकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले पांच साल से वे जिस आप के खिलाफ ही लड़ रहे थे, उसके साथ तालमेल कैसे करेंगे। लेकिन आप नेताओं का दावा है कि फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा, प्रदेश के नेता नहीं।
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