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कांग्रेस का पीयूष गोयल पर आरोप- 'कंपनी और महंगे शेयर बेचने की जानकारी छुपाई'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 29 Apr 2018 08:41 AM IST
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कांग्रेस ने रेल मंत्री पीयूष गोयल पर बतौर राज्यसभा सदस्य अपनी कंपनियों, शेयर और अघोषित संपत्ति की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है। पार्टी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने के बावजूद गोयल ने वेबसाइट पर अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।
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आरोप है कि गोयल ने दस रुपये कीमत के शेयर 9,950 रुपये में ऐसी कंपनी को बेचे, जो ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी रही है। ऐसा तब हुआ जब वह ऊर्जा मंत्री थे। पार्टी की मांग है कि प्रधानमंत्री उन्हें बर्खास्त कर मामले की निष्पक्ष जांच कराएं।
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कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ उनकी अन्य कंपनी फ्लैशनेट इंफो सॉल्यूशन इंडिया लिमिटेड की वित्तीय अनियमिताओं का खुलासा किया। कहा कि मंत्री बनने से पहले गोयल और उनकी पत्नी कंपनी के निदेशक थे।
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पार्टी का आरोप है कि मंत्री बनने के बाद गोयल और उनकी पत्नी सीमा गोयल ने फ्लैशनेट इंफो सॉल्यूशन इंडिया लिमिटेड के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया लेकिन कंपनी के 99 प्रतिशत शेयर फिर भी दोनों के पास रहे। दस रुपये कीमत के 27 हजार दस शेयर गोयल और 23 हजार 10 शेयर पत्नी के पास थे।
मंत्री बनने के कुछ महीनों बाद सितंबर 2014 को बतौर ऊर्जा मंत्री गोयल ने परिवार के शेयर पीरामल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को 9,950 रुपये प्रति शेयर बेच दिया। सवाल उठता है पीरामल कंपनी ने इतने मंहगे शेयर क्यों खरीदे।
खेड़ा का कहना है कि दरअसल पीरामल कंपनी ने 2014 में ऊर्जा सेक्टर में एक बिलियन डॉलर की डील कर उसमें निवेश किया था। साफ है कि इन कंपनियों को सरकार के हस्तक्षेप की बहुत निर्भरता होती है।
शेयर खरीदने का फैसला पीरामल इंटरप्राइजेज की बोर्ड में लिया गया। गोयल की 10.9 करोड़ की फ्लैशनेट इंफो को पीरामल ने 48 करोड़ में खरीदा। सवाल उठता है कि कुल 11 करोड़ की कंपनी को 48 करोड़ में क्यों खरीदा गया।