अब राहुल गांधी ने भी स्वीकारा, पूर्व NSA शिवशंकर मेनन के साथ की थी चीनी राजदूत से मुलाकात
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कांग्रेस द्वारा आधिकारिक तौर पर बयान जारी करने के बाद खुद राहुल गांधी ने भी इस मसले पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने चीनी राजदूत से मुलाकात की थी। उसके साथ पूर्व एनएसए शिवशंकर मेनन भी थे। राहुल ने कहा कि उनके साथ नॉर्थ-ईस्ट के नेता भी थे, साथ ही भूटानी दूतावास के लोग भी। राहुल गांधी ने कहा कि साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें भी अपने देश के बारे में जानने का पूरा हक है।
It is my job to be informed on critical issues.I met Chinese Ambassador, Ex-NSA, Cong leaders from NE & Bhutanese Ambassador: Rahul Gandhi pic.twitter.com/e5zT37HGMD
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि अगर चीनी दूतावास में जाने से सरकार को बहुत परेशानी है, तो 3 केंद्रीय मंत्री चीनियों की आवभगत का फायदा क्यों उठा रहे हैं?
If Govt is so concerned abt me meeting an Amb,they shld explain why 3Ministers are availing Chinese hospitality while border issue is on: RG
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
इससे पहले खबर आई थी कि राहुल गांधी ने सिर्फ चीनी राजदूत से मुलाकात की है। इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर जोरदार बहस होने लगी। साथ ही उनकी इस मुलाकात पर सवाल भी उठाए जाने लगे कि राहुल गांधी सांसद हैं, पर सीमा पर विवाद के बीच वो चीनी राजदूत से कैसे मिल सकते हैं। विरोध बढ़ता देख कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की ऐसी किसी भी मुलाकात को खारिज कर दिया था। पर चीनी दूतावास की तरफ से सोशल मीडिया पर तस्वीरें डाले जाने के बाद कांग्रेस के बयान भी बदल चुके हैं। कांग्रेस ने पहले से जारी बयान के ठीक उलट दूसरा बयान जारी किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, -हां, राहुल गांधी ने 8 जुलाई को चीनी राजदूत लियो झाओहुई से मुलाकात की थी। इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन भी थे। पर राहुल और मेनन ने सिर्फ चीनी राजदूत से ही मुलाकात नहीं की, बल्कि भूटानी राजदूत से भी मुलाकात की।
Envoys met Rahul Gandhi ji, not only Chinese envoy but also Bhutanese envoy and ex NSA Shiv Shankar Menon: RS Surjewala
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
इससे बाद सुरजेवाला ने कहा कि ये मुलाकात सिर्फ औपचारिकता वश थी। ये शिष्टाचार वाली मुलाकात थी। विभिन्न देशों के राजदूत विपक्षी पार्टियों के मुखिया और बड़े नेताओं से मिलते रहे हैं। इसमें कुछ नया नहीं है।
Various ambassadors and envoys keep meeting Congress President and Vice President time to time on courtesy basis: RS Surjewala,Congress pic.twitter.com/7h0dqwzL83
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
सुरजेवाला ने कहा-पीएम मोदी भी तो जिनपिंग से मिले थे, चीनी दूतावास ने डिलीट कर दी मुलाकात की खबर
PM Chinese Premier se mile vishesh taur se Hamburg mei,iske bawjud ke China ne mana kiya vartalap se,wo BRICS meet attend krke aye:Surjewala
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले को सनसनीखेज बनाने से बचा जाए।
ऐसा माना जा रहा है कि राहुल गांधी की 8 जुलाई को चीनी राजदूत लियो झाओहुई से मुलाकात और दोनों के बीच भारत-चीन रिश्तों पर बातचीत हुई। अब चीनी राजदूत से बातचीत किए जाने के बाद राहुल सवालों के घेरे में आ गए हैं। हालांकि बीजेपी ने कहा है कि राहुल गांधी की किसी से मुलाकात को लेकर बीजेपी कोई आपत्ति नहीं है।Nobody should attempt to sensationalize this: RS Surjewala,Congress pic.twitter.com/lrSZkOi7ie
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
We have in-principle no objection if Rahul Gandhi meets any foreign diplomat: Vijay Chauthaiwale, In-Charge, Dept of Foreign Affairs, BJP pic.twitter.com/ma2mQrIQJi
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
बीजेपी ने साथ ही ये भी कहा है कि राहुल गांधी को देश के हित को ध्यान रखते हुए मुलाकात के दौरान हुई बातों को सार्वजनिक करना चाहिए।
In larger national interest Rahul Gandhi should come out clean on this issue and tell what has gone into the discussion: V Chauthaiwale, BJP
— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
वैसे, राहुल गांधी की मुलाकात को लेकर चीनी दूतावास की वेबसाइट पर जो जानकारी दी गई थी, उसे बाद में डिलीट कर दिया गया। हालांकि उस मुलाकात के स्क्रीनशॉट्स कई खबरिया न्यूज वेबसाइट्स पर घूम रहे हैं। ये तस्वीर एनडीटीवी से साभार प्रकाशित की जा रही है।