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कांग्रेस-आप के संभावित गठजोड़ से निपटने को भाजपा तैयार, दिल्ली फतह की योजना बनी
Mon, 24 Dec 2018 03:43 PM IST
अमित मंडल
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Mon, 24 Dec 2018 03:43 PM IST
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भाजपा का झंडा
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दिल्ली की राजनीति में भाजपा के अलावा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दो महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। कांग्रेस के कुछ शीर्ष नेताओं के सीधे इनकार के बाद भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगले आम चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं। इस स्थिति को समझते हुए भाजपा अपनी तैयारी में जुटी है। उसने अपने कार्यकर्ताओं के लिए हर बूथ पर 50 फीसदी से अधिक वोट लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पार्टी ने इसके लिए एक रणनीति भी बनाई है जिसके तहत वह अपने इस मंसूबे को जमीन पर उतारने की बात सोच रही है।
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रामलाल ने बनाई जीत की योजना
रविवार को दिल्ली के आईजी स्टेडियम में राजधानी के 13,816 बूथों के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने इसी तरफ इशारा किया। उन्होंने दिसंबर, जनवरी और फरवरी में राजधानी में सघन प्रचार अभियान की योजना बनाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘बूथ जीता, तो चुनाव जीता’ और ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ का नारा दिया। इसके तहत हर बूथ पर पांच मोटरसाइकिल वाले कार्यकर्ता की पहचान करना, हर बूथ पर उन परिवारों से मिलना जो अभी तक भाजपा के वोटर नहीं रहे हैं जैसे अनेक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जा रही है।
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तीन राज्यों में हार से ली सबक
मध्यप्रदेश की तर्ज पर फरवरी माह में एक निश्चित दिन पर हर कार्यकर्ता के घर पर भाजपा का झंडा लगाने और कमल दीपोत्सव मनाने की योजना भी बन रही है। महिलाओं के लिए कमल मेंहदी कार्यक्रम तय किया गया है। पिछले दिनों पांच राज्यों में पार्टी की हार से सबक लेने की बात भी कही गई और तय किया गया है कि पिछले चुनावों में हर उस बूथ का गहन अध्ययन किया जायेगा जिस पर भाजपा लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव या नगरनिगम चुनाव में जीतने में असफल रही है।
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