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इंदिरा के बहाने कांग्रेस की यूपी में वापसी की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो/ इलाहाबाद
Updated Tue, 22 Nov 2016 03:57 AM IST
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इंदिरा गांधी के जन्मशती समारोह पर स्वराज भवन में आयोजित चित्र प्रदर्शनी में शामिल होने आया गांधी परिवार भले ही राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहा, लेकिन इंदिरा की जन्मस्थली पर गांधी परिवार की मौजूदगी ने सियासी हलचल बढ़ा दी। समारोह में गिने-चुने लोगों को ही आमंत्रित किया गया था, लेकिन स्वराज भवन के बाहर अपने नेताओं की एक झलक पाने को बेताब कांग्रेसियों के हुजूम ने वहां के माहौल को सियासी बना दिया।
चर्चा यह भी थी कि इस मौके पर कांग्रेस प्रियंका गांधी को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कांग्रेस के तमाम कद्दावर नेता भी वहां थे। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता यह जानने को उत्सुक थे कि क्या होगा? लेकिन इस मसले पर पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं ने चुप्पी साधे रखी। प्रियंका गांधी से बात की गई तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। कहा, यह कोई राजनीतिक कार्यकम नहीं है। सक्रिय राजनीति में जब आना होगा तो वह खुद बता देंगी।
हालांकि इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पार्टी नेताओं एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिकों से अलग-अलग व्यक्तिगत तौर पर मिलते रहे। कुछ सियासी मुद्दों पर चर्चा भी हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेताओं ने भले ही औपचारिक रूप से कोई राजनीतिक घोषणा नहीं की, लेकिन इसे यूपी में कांग्रेस के सियासी अभियान की शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक समारोह के बाद सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से बैठक कर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा भी की।
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चर्चा यह भी थी कि इस मौके पर कांग्रेस प्रियंका गांधी को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कांग्रेस के तमाम कद्दावर नेता भी वहां थे। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता यह जानने को उत्सुक थे कि क्या होगा? लेकिन इस मसले पर पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं ने चुप्पी साधे रखी। प्रियंका गांधी से बात की गई तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। कहा, यह कोई राजनीतिक कार्यकम नहीं है। सक्रिय राजनीति में जब आना होगा तो वह खुद बता देंगी।
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हालांकि इस दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पार्टी नेताओं एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिकों से अलग-अलग व्यक्तिगत तौर पर मिलते रहे। कुछ सियासी मुद्दों पर चर्चा भी हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेताओं ने भले ही औपचारिक रूप से कोई राजनीतिक घोषणा नहीं की, लेकिन इसे यूपी में कांग्रेस के सियासी अभियान की शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक समारोह के बाद सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से बैठक कर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा भी की।
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