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Manipur: छह सुप्रीम कोर्ट जज 22 को मणिपुर के राहत कैंप जाएंगे, कांग्रेस ने की सराहना; पीएम मोदी पर साधा निशाना

Wed, 19 Mar 2025 03:17 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 19 Mar 2025 03:17 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के छह जज 22 मार्च को मणिपुर का दौरा करने वाले है। इस दौरान वे राहत शिविरों का दौरा करेंगे। साथ ही विधिक सहायता क्लीनिकों का उद्घाटन भी करेंगे। अब इस मामले में कांग्रेस ने जजों के फैसले की सराहना की है। साथ ही पीएम मोदी के मणिपुर दौरा नहीं करने पर निशाना भी साधा है। 

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Cong welcomes SC judges' decision to visit Manipur, slams PM for not going to violence-hit state News In Hindi
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश - फोटो : एएनआई

विस्तार

कांग्रेस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के मणिपुर दौरे के फैसले का स्वागत किया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर न जाने पर जमकर की आलोचना की। बता दें कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई और पांच अन्य जज 22 मार्च को मणिपुर के राहत शिविरों का दौरा करेंगे, जहां जातीय हिंसा से प्रभावित लोग शरण लिए हुए हैं।  
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कांग्रेस ने फैसले का किया स्वागत
कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले का स्वागत करती है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में संवैधानिक स्थिति को पूरी तरह से ध्वस्त बताया था। रमेश ने मणिपुर में मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी विदेशों और असम में तो जाते हैं, लेकिन मणिपुर का दौरा नहीं करते, जबकि वहां के लोग उनका इंतजार कर रहे हैं। 
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न्यायाधीशों का दौरा का उद्देश्य
गौरतलब है कि नाल्सा ने बीते 17 मार्च को अपनी प्रेस विज्ञप्ति जारी किया था। इसमें बताया गया कि मणिपुर में 3 मई, 2023 को शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा के दो साल बाद भी, हजारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इस हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए और 50,000 से ज्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए। न्यायाधीश इन राहत शिविरों में रहने वाले लोगों से मुलाकात करेंगे। साथ ही विधिक सहायता क्लीनिकों का उद्घाटन भी करेंगे।


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नाल्सा ने बताया कि न्यायाधीशों का यह दौरा इस बात को सामने लाता है कि प्रभावित समुदायों को अभी भी कानूनी और मानवीय सहायता की ज़रूरत है। इस दौरान, न्यायमूर्ति गवई राज्य भर में विधिक और चिकित्सा शिविरों का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वे इंफाल, इंफाल पश्चिम और उखरुल जिलों में नए विधिक सहायता क्लीनिकों का भी उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही, विस्थापित लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की जाएगी।

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