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Interview: ‘निष्क्रिय राज्यपाल की अवधारणा खत्म’, सीवी आनंद बोस ने कहा- अब सीएम को सरकार का चेहरा बनना चाहिए

Sun, 04 Aug 2024 10:03 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Sun, 04 Aug 2024 10:03 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का कहना है कि ‘निष्क्रिय राज्यपाल’ की अवधारणा अब पुरानी हो गई है। उन्होंने कहा कि अब निर्वाचित मुख्यमंत्री को सरकार का चेहरा बनना चाहिए।

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Concept of passive governor is gone West Bengal Governor CV Anand Bose
सीवी आनंद बोस - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का कहना है कि ‘निष्क्रिय राज्यपाल’ की अवधारणा अब पुरानी हो गई है। उन्होंने कहा कि अब निर्वाचित मुख्यमंत्री को सरकार का अग्रणी चेहरा बनना चाहिए। इसके अलावा राज्यपाल को निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप में पृष्ठभूमि में होना चाहिए। 

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‘संविधान के संरक्षक हैं राज्यपाल’
दिल्ली में राज्यपालों के सम्मेलन में भाग लेने के आए सीवी आनंद बोस ने कहा कि राज्यपाल संविधान के संरक्षक हैं और वे रबर की मुहर नहीं हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के साथ अक्सर अपने टकराव के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आगे कहा कि वे व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सम्मान करते हैं। सीवी आनंद बोस के अनुसार उनके ममता बनर्जी के साथ उनके पेशेवर संबंध हैं, लेकिन ‘राजनीतिज्ञ नेता ममता बनर्जी’ और उनकी सोच अलग है। बोस ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी भारत की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए मैं कहूंगा कि यह परिवर्तनकारी राज्यपाल सम्मेलन था। अब हम राज्यपालों के कामकाज में एक नई लय देखेंगे। निर्वाचित प्रतिनिधियों और राज्यपाल के बीच एक नया तालमेल नजर आएगा।’

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‘राज्यपालों को केंद्र और राज्य के बीच एक प्रभावी कड़ी बनना होगा’
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने आगे कहा, ‘‘राज्यपालों के सम्मेलन में यह फैसला लिया गया कि राज्यपालों को केंद्र और राज्य के बीच एक प्रभावी कड़ी के रूप में बने रहना चाहिए। इस बात पर राष्ट्रपति और अन्य लोगों ने समर्थन व्यक्त किया। राज्यपालों को लोगों की भलाई के लिए बनाई गए कार्यक्रमों के संचालन में आवश्यक रूप से शामिल होना होगा’ उन्होंने आगे कहा कि निर्वाचित मुख्यमंत्री को सरकार का अग्रणी चेहरा बनना होगा। इसके अलावा राज्यपाल को पृष्ठभूमि में एक मार्गदर्शक की तरह खड़ा रहना होगा। सीवी आनंद बोस ने कहा, ‘राज्यपाल को सक्रिय रहना चाहिए और निष्क्रिय राज्यपाल की अवधारणा समाप्त हो चुकी है।’

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जब सीवी आनंद बोस से सवाल किया गया कि क्या इससे गैर-राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) दलों द्वारा शासित राज्यों में राज्यपालों के कामकाज को लेकर बहस को बढ़ावा मिलेगा? इसके जवाब में बोस ने कहा, ‘बहस होना एक विकसित लोकतंत्र का हिस्सा है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।’

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