सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए गठित होगी समिति
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बिजली मंत्री आरके सिंह ने सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए तीन सदस्यीय विवाद समाधान समिति गठित करने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई जानकारी के अनुसार यह समिति सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े अप्रत्याशित विवादों के समाधान के लिए काम करेगी।
यह समिति सौर या पवन ऊर्जा कंपनियों तथा सोलर एनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया (एसईसीआई) या सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी के बीच अनुबंध से जुड़े समझौतों से इतर अन्य विवादों को दूर करने पर गौर करेगी। इस विवाद समाधान समिति के सदस्य एमएफ फारूकी, अनिल स्वरूप और एके दुबे होंगे।
एमएफ फारूकी 1978 बैच के तमिलनाडु कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वह दूरसंचार विभाग (डीओटी) / भारतीय उद्योग मंत्रालय में बतौर सचिव काम कर चुके हैं। वहीं, 1981 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल स्वरूप पूर्व कोयला सचिव रह चुके हैं। 11982 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एके दुबे खेल सचिव रहे हैं।
एसईसीआई और एनटीपीसी संचालित सभी परियोजनाएं होंगी शामिल
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा कौशल एवं उद्यमिता मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कुछ दिन पहले प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे महत्वपूर्ण कदम बताया था। उन्होंने कहा था, ‘इससे देश में सौर/पवन ऊर्जा परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सकेगा।’ मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि इस प्रणाली में वे सभी परियोजनाएं शामिल होंगी जिनका क्रियान्वयन एसईसीआई और एनटीपीसी के जरिये होगा।
सौर और पवन ऊर्जा उद्योग लंबे समय से इस प्रकार की विवाद निपटान प्रणाली स्थापित करने की मांग करता रहा है। अनुबंध से जुड़े समझौतों के क्रियान्वयन के दौरान सौर/पवन ऊर्जा परियोजनाएं विकसित करने वाली कंपनियों और एसईसीआई/एनटीपीसी के बीच अप्रत्याशित विवादों और मसलों के समाधान के लिये एक पारदर्शी, निष्पक्ष विवाद समाधान प्रणाली की जरूरत महसूस की जा रही थी।