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लोकसभा: एनसीआर और आस-पास के इलाकों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विधेयक पेश

Fri, 30 Jul 2021 04:15 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 30 Jul 2021 04:15 PM IST
सार

लोकसभा में यह विधेयक विपक्षी दलों की ओर से पेगासस जासूसी मामले और किसानों के मुद्दे पर हो रहे हंगामे के बीच पेश किया गया। 'एनसीआर और आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग विधेयक, 2021' पारित होने के बाद पूर्व में जारी किए गए एक अध्यादेश का स्थान ले लेगा। 

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Commission for Air Quality Management in NCR and Adjoining Areas Bill introduced in Lok Sabha
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और इसके आस-पास के इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए संसद के निचले सदन में शुक्रवार को एक विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए उपयुक्त शक्तियों के साथ एक वैधानिक प्राधिकरण स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। 

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पर्यावरण मंत्री भूपेंदर यादव की ओर से इस विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के बयान के अनुसार यह देखा गया है कि एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रासंगिक केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और अन्य हितधारकों को शामिल करते हुए एक सहयोगी और भागीदारी दृष्टिकोण अपनाने वाले एक स्थायी, समर्पित और भागीदारी तंत्र की कमी है। इसमें कहा गया, 'वायु प्रदूषण के स्रोतों में, विशेष रूप से एनसीआर में, विभिन्न कारक शामिल हैं जो इसकी स्थानीय सीमाओं से परे हैं।'
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जन भागीदारी और शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा
विधेयक से संबंधित बयान में इन कारकों को बिजली, कृषि, परिवहन, उद्योग, आवासीय और निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़ा बताया गया है। इसमें कहा गया है कि वायु प्रदूषण के सभी स्त्रोतों पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। वहीं, विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि चूंकि वायु प्रदूषण एक स्थानीय घटना नहीं है, इसका प्रभाव स्रोत से दूर के क्षेत्रों में भी महसूस किया जाता है, जिससे बहु-क्षेत्रीय तारतम्य के अलावा अंतर-राज्य और अंतर-शहर समन्वय के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर की पहल की आवश्यकता महसूस होती है।
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बयान में कहा गया है कि वायु प्रदूषण की समस्या बहुत गंभीर है और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए देश में एक स्व-नियामकीय तंत्र की जरूरत है जिसकी लोकतांत्रिक रूप से निगरानी की जा सके। यह आयोग पुराने पैनलों का स्थान लेगा और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जन सहयोग और शोध आदि को प्रोत्साहित करेगा।


उल्लेखनीय है कि इस संबंध में कानून की तत्काल आवश्यकता थी और संसद सत्र में नहीं थी इसलिए 28 अक्तूबर 2020 को एनसीआर और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अध्यादेश 2020 प्रख्यापित किया गया था। लेकिन, इस अध्यादेश को बदलने के लिए एक विधेयक संसद में पेश नहीं किया जा सका। नतीजतन, 12 मार्च 2021 को अध्यादेश समाप्त हो गया। इसके बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अध्यादेश 2021 को 13 अप्रैल 2021 को प्रख्यापित किया गया था।

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