तमिल नववर्ष पर दिखाई दी भव्य सजावट, नोटों से सजाई गई मां अंबिगई की मूर्ति
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देश भर में बैसाखी अपने पारंपरिक रीति रिवाज से मनाई गई। तमिल नाडु में भी चिथिरई महीने में मनाए जाने वाले नए साल के तौर पर इस दिन मां अंबिगई मुथुमरीयाम्मन की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। कोयंबटूर में मां अंबिगई मुथुमरीयाम्मन की एक मूर्ति की विशेष सजावट देखने को मिली। यहां देवी की मूर्ति की सजावट में ढेरों रुपए लगाए गए। इस साज-सज्जा में लगभग चार करोड़ रुपये खर्च हुए वहीं, मूर्ति के आभूषणों में भी एक करोड़ रुपये खर्च किए गए।
आप तस्वीर में देख सकते हैं कि मूर्ति सजावट में किस तरह से नोटों का इस्तेमाल किया गया है। वो भी नोट कोई मामूली नहीं बल्कि 2000 और 500 रुपए के इस्तेमाल किए गए हैं। सिर्फ मूर्ति पर ही नोटों की सजावट नहीं है, आप गौर से देखेंगे तो दीवारों पर भी नोटों की ही साज-सज्जा दिखाई देगी।
तमिल हिंदू कैलेंडर के अनुसार चिथिरई महीने (अप्रैल) के 14 तारीख को ही यहां के लोग नववर्ष मनाते हैं। थई महीने (जनवरी) के 14 तारीख को फसलों-कृषि से संबंधित पर्व पोंगल मनाया जाता है। बता दें कि वर्ष 2008 में करूणानिधि के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था कि तमिल नव वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाए, जो पोंगल के दिन पड़ता है।
चेन्नई के अरुंबक्कम में बाला विनयागर मंदिर भी तमिल नव वर्ष दिवस पर भारतीय मुद्रा नोटों के साथ सजाया गया। इस सजावट में लगभग 4 लाख रुपये इस्तेमाल किए गए। बता दें कि हर साल इस अवसर पर मंदिर को इसी तरीके से सजाया जाता है।