कोयला संकट: कंपनियां उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर दे रहीं इलेक्ट्रिक उपकरण बंद करने की सलाह
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, व्हाट्सएप पर इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड ने अपने उपभोक्ताओं से पंखे, लाइट और एसी बंद कर बिजली बचाने का आग्रह किया है। इस मैसेज में बिजली कंपनी ने कहा है कि इन दिनों देश में कोयले की भारी किल्लत है। घर, आफिस और दुकानों में जरूरत न होने पर लाइट और अन्य उपकरण बंद कर लें जिससे बिजली बचाई जा सके...
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देश में एक तरफ पावर प्लांट्स में कोयले की कमी होने की खबरे सामने आ रही है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और पंजाब समेत कई राज्यों में बिजली कटौती हो रही है। राज्य सरकारें गहराते संकट को देखते हुए केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगा रही हैं, वहीं कोयला संकट का सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ने लगा है। देश में ज्यादातर बिजली कोयले से ही बनाई जाती है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिजली संकट पर उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ऊर्जा मंत्रालय दावा कर रहा है कि जल्द ही इस संकट को दूर कर लिया जाएगा।
इसी बीच कोयला संकट से जूझ रहीं बिजली वितरण कंपनियों ने बीच का रास्ता निकाला है। कंपनियों ने न केवल केंद्र से ज्यादा कोयला देने की गुहार लगाई है, बल्कि उपभोक्ताओं से बिजली बचाने के संदेश भी भेजना शुरू कर दिया है। इधर, कुछ राज्यों में बिजली की सबसे अधिक खपत का समय भी एक घंटे बढ़कर शाम 6:00 बजे से रात 11:00 बजे तक हो गया है, जबकि पहले रात 10 बजे तक ही बिजली की सबसे ज्यादा खपत होती थी।
इन राज्यों में ज्यादा किल्लत
राज्य कमी करोड़ यूनिट में
उत्तर प्रदेश 0.94
हरियाणा 0.34
पंजाब 2.35
राजस्थान 2.40
झारखंड 0.79
गुजरात 0.33
जम्मू कश्मीर 0.34
और लद्दाख्
(स्रोत: पॉवर सिस्टम आपरेशन कॉर्पोरेशन)
पंजाब और दिल्ली में बिजली कंपनियों ने लगाई ये गुहार
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, व्हाट्सएप पर इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड ने अपने उपभोक्ताओं से पंखे, लाइट और एसी बंद कर बिजली बचाने का आग्रह किया है। इस मैसेज में बिजली कंपनी ने कहा है कि इन दिनों देश में कोयले की भारी किल्लत है। घर, आफिस और दुकानों में जरूरत न होने पर लाइट और अन्य उपकरण बंद कर लें जिससे बिजली बचाई जा सके।
कुछ इस तरह दिल्ली की तीन बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने भी अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मैसेज के जरिये चेताया है। कंपनी ने एसएमएस किया है 'इन दिनों उत्तर भारत के पॉवर प्लांट्स में कोयले की कमी है। इस कारण दिन में दो से छह बजे तक बिजली आपूर्ति में बाधा आ सकती है। जिम्मेदार नागरिक बनिए। असुविधा के लिए खेद है।'
सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम मोदी को पत्र लिखकर राजधानी को बिजली देने वाली बिजली इकाइयों को ज्यादा कोयला देने की मांग की है। इसके अलावा एनटीपीसी की दादरी और झज्जर इकाइयों को कोयले और बवाना एवं प्रगति-1 बिजली स्टेशनों को गैस की आपूर्ति बढ़ाई जाए। हालांकि बवाना की दैनिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 1,000 मेगावाट कर दी गई है, जो पहले करीब 450-500 मेगावाट थी।
दक्षिण भारत में भी बढ़ रही है किल्लत
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, इन दिनों तेजी से राज्यों में कोयले की मांग बढ़ रही है। राज्यों की कोयला आपूर्ति कम की गई है, क्योंकि उन्होंने सरकारी खनिज कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) को समय पर भुगतान नहीं किया। इनमें राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भी शामिल हैं। इधर, दक्षिण भारत के राज्य भी कोयले के संकट का सामना कर रहे हैं। केरल में बिजली खरीद की लागत कम से कम दोगुनी होने के आसार हैं। इससे राज्य के बिजली क्षेत्र में तेजी से दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनियां बिजली खपत घटाने के लिए जागरुकता अभियान शुरू करने की योजना तैयार कर रही हैं। केरल अपने बिजली जरूरतों का 75 फीसदी हिस्सा दूसरे राज्यों से पूरा करता है।
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