फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   CMIE officer Mahesh Vyas says one crore people became unemployed in the country due to corona epidemic

सीएमआईई: कोरोना महामारी की दूसरी लहर से देश में एक करोड़ लोग हुए बेरोजगार

Tue, 01 Jun 2021 12:08 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 01 Jun 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
CMIE officer Mahesh Vyas says one crore people became unemployed in the country due to corona epidemic
महिला - फोटो : pixabay

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण देश में एक करोड़ से अधिक लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है जबकि पिछले साल महामारी की शुरूआत से लेकर अबतक 97 प्रतिशत परिवारों की आय घटी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन एकोनॉमी (सीएमआईई) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी महेश व्यास ने सोमवार को यह कहा।

विज्ञापन


व्यास ने मीडिया से कहा कि शोध संस्थान के आकलन के अनुसार, बेरोजगारी दर मई में 12 प्रतिशत रही जो अप्रैल में 8 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि इस दौरान करीब एक करोड़ भारतीयों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि रोजगार जाने का मुख्य कारण कोविड-9 संक्रमण की दूसरी लहर है। अर्थव्यवस्था में कामकाज सुचारू होने के साथ कुछ हद तक समस्या का समाधान हो जाने की उम्मीद है। लेकिन यह पूरी तरह से नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यास के अनुसार, जिन लोगों की नौकरी गयी है, उन्हें नया रोजगार तलाशने में दिक्कत हो रही है। असंगठित क्षेत्र में रोजगार तेजी से सृजित होते हैं, लेकिन संगठित क्षेत्र में अच्छी नौकरियों के आने में समय लगता है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल मई में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये लगाये गये देशव्यापी लॉकडाउन के कारण बेरोजगारी दर 23.5 प्रतिशत के रिकार्ड स्तर तक चली गयी थी। कई विशेषज्ञों की राय है कि संक्रमण की दूसरी लहर चरम पर पहुंच चुकी है और अब राज्य धीरे-धीरे पाबंदियों में ढील देते हुए आर्थिक गतिविधियों की अनुमति देना शुरू करेंगे।

व्यास ने आगे कहा कि 3-4 प्रतिशत बेरोजगारी दर को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सामान्य माना जाना चाहिए। यह बताता है कि स्थिति ठीक होने में समय लग सकता है।

उन्होंने कहा कि सीएमआई ने अप्रैल में 1.75 लाख परिवार का देशव्यापी सर्वे का काम पूरा किया। इससे पिछले एक साल के दौरान आय सृजन को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आयी है। व्यास के अनुसार सर्वे में शामिल परिवार में से केवल 3 प्रतिशत ने आय बढ़ने की बात कही जबकि 55 प्रतिशत ने कहा कि उनकी आमदनी कम हुई है।


सर्वे में 42 प्रतिशत ने कहा कि उनकी आय पिछले साल के बराबर बनी हुई है। उन्होंने कहा, अगर महंगाई दर को समायोजित किया जाए, हमारा अनुमान है कि देश में 97 प्रतिशत परिवार की आय महामारी के दौरान कम हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed